LPG Gas News: ईरान युद्ध के बीच 1500 में बिक रहा LPG सिलेंडर, क्या वाकई गैस की कमी है?

punjabkesari.in Monday, Mar 09, 2026 - 07:00 PM (IST)

 LPG cylinder for Rs 1,500: ईरान में चल रहे युद्ध और आपूर्ति बाधित होने की आशंकाओं के बीच देश के कई शहरों और कस्बों में LPG सिलेंडर को लेकर लोगों में घबराहट देखने को मिल रही है। कई जगह गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी-लंबी कतारें दिखाई दे रही हैं। खासकर NCR, उत्तर प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल और गोवा के कुछ इलाकों से ऐसी तस्वीरें सामने आई हैं।

एक न्यूज चैनल के हवाले से सोमवार को नोएडा के सेक्टर-22 स्थित एक भारत गैस एजेंसी के बाहर खाली सिलेंडर लेकर खड़े लोगों की लंबी कतारें देखी गईं। वहीं उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के बर्डपुर गांव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें सैकड़ों लोग खाली सिलेंडर लेकर एजेंसी के बाहर लाइन में बैठे दिखाई दिए।

असली समस्या गैस की कमी नहीं बल्कि लोगों में घबराहट 
हालांकि, ज़मीनी स्तर पर कई लोगों का कहना है कि असली समस्या गैस की कमी नहीं बल्कि घबराहट में बढ़ी हुई बुकिंग और स्थानीय स्तर पर सप्लाई बाधित होने की है। केंद्र सरकार ने भी साफ कहा है कि देश में LPG की कोई राष्ट्रीय स्तर की कमी नहीं है।  पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने जानकारी देते हुए कहा कि "भारत के पास अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त स्टॉक और रणनीतिक भंडार है। घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।"  

LPG सिलेंडर की ब्लैक मार्केटिंग की शिकायतें

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ की एक महिला ने बताया कि उसे मजबूरी में घरेलू गैस सिलेंडर 1500 रुपये में ब्लैक मार्केट से खरीदना पड़ा।

महिला ने कहा कि रमज़ान का महीना चल रहा है और घर में खाना बनाने के लिए गैस बेहद ज़रूरी है, इसलिए उसे ऊंची कीमत पर सिलेंडर लेना पड़ा।

दक्षिण दिल्ली में इंडेन गैस की डिलीवरी करने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि पिछले 4–5 दिनों से पैनिक बाइंग बढ़ गई है। हालांकि उसने यह भी कहा कि सप्लाई में कोई बड़ी दिक्कत नहीं है।

ईरान युद्ध से क्यों बढ़ी चिंता

ईरान में जारी युद्ध के कारण लोगों में यह डर पैदा हो गया है कि गैस की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। भारत अपनी LPG जरूरत का लगभग दो-तिहाई हिस्सा आयात करता है और इसका बड़ा भाग खाड़ी देशों से आता है।

इन देशों में शामिल हैं:

  • UAE
  • कतर
  • सऊदी अरब
  • कुवैत

इन देशों से आने वाली अधिकतर गैस हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होकर गुजरती है। भारत की लगभग 80% LPG आयात आपूर्ति इसी मार्ग से आती है, इसलिए युद्ध की खबरों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG आयातक देश भी है।

LPG बुकिंग में अचानक उछाल

तेज़ी से बढ़ती बुकिंग को देखते हुए ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने नए नियम लागू किए हैं।

नए नियम:

  • पहले गैस सिलेंडर बुक करने के बीच 15 दिन का लॉक-इन पीरियड था
  • अब इसे बढ़ाकर पहले 21 दिन कर दिया वहीं अब फिर से इसे बढ़ाकर 25 दिन का कर दिया गया है
  • जिन घरों में दो सिलेंडर हैं, उनके लिए अगली बुकिंग का अंतर 30 दिन कर दिया गया है

पश्चिम बंगाल, खासकर कोलकाता और आसपास के जिलों में पिछले कुछ दिनों में LPG बुकिंग 15-20% तक बढ़ गई है।

सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी

  • 7 मार्च को सरकार ने घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत 60 रुपये बढ़ा दी।
  • अब दिल्ली में 14.2 किलो के घरेलू सिलेंडर की कीमत 913 रुपये हो गई है।
  • वहीं 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 115 रुपये की बढ़ोतरी की गई है।

कई शहरों में लंबी कतारें

कई शहरों और कस्बों में लोगों ने एहतियात के तौर पर सिलेंडर जमा करना शुरू कर दिया है। लखीमपुर खीरी में तो अफवाहों के बाद पेट्रोल पंपों पर भी लंबी कतारें लग गईं। उत्तर प्रदेश के खुर्जा में सिरेमिक उद्योग से जुड़े एक फैक्ट्री मालिक ने बताया कि उद्योगों में इस्तेमाल होने वाले 422 किलो के HIPPO गैस सिलेंडर की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है।

उनके अनुसार:

  • पहले गैस की कीमत लगभग 69 रुपये प्रति किलो थी

  • 7 मार्च के बाद कीमत बढ़कर करीब 94 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई

इस वजह से उद्योगों को अब दो दिन पहले ऑर्डर देना पड़ रहा है।

पुणे के श्मशान में गैस आधारित अंतिम संस्कार बंद
महाराष्ट्र के पुणे में स्थित vaikunth Dham श्मशान घाट में गैस आधारित अंतिम संस्कार अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए। अधिकारियों के अनुसार घरेलू गैस सप्लाई को प्राथमिकता देने के कारण यह फैसला लिया गया।

क्या वास्तव में LPG की कमी है?
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि देश में एलपीजी की कोई बड़ी कमी नहीं है।

सरकार के अनुसार:

  • भारत के पास 25 से 30 दिनों तक की LPG मांग पूरी करने लायक स्टॉक मौजूद है

  • जरूरत पड़ने पर रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं

ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि आपात स्थिति में भारत के रणनीतिक भंडार लगभग 15 से 20 दिनों तक मांग संभाल सकते हैं, जबकि कच्चे तेल के भंडार लगभग 40 से 45 दिनों तक चल सकते हैं। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी कहा है कि देश में ऊर्जा की कोई कमी नहीं है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।

अमेरिका से भी LPG आयात

भारत ने हाल ही में अमेरिका से भी LPG आयात बढ़ाया है। भारतीय तेल कंपनियों ने नवंबर 2025 में एक साल का समझौता किया था, जिसके तहत 2026 में अमेरिका के गल्फ कोस्ट से लगभग 2.2 मिलियन टन LPG भारत आएगी।

असली वजह क्या है?

विशेषज्ञों के मुताबिक वर्तमान स्थिति की असली वजह यह है:

  • लोगों द्वारा घबराहट में ज्यादा बुकिंग

  • कुछ जगहों पर डिस्ट्रिब्यूटर स्तर पर सप्लाई नियंत्रण

  • बुकिंग नियमों में बदलाव

  • ब्लैक मार्केटिंग

इन कारणों से वितरण प्रणाली पर अचानक दबाव पड़ा और कई जगह यह स्थिति कमी जैसी दिखाई देने लगी। फिलहाल भारत में एलपीजी की देशव्यापी कमी नहीं है। लंबी कतारें मुख्य रूप से घबराहट में बढ़ी बुकिंग और स्थानीय स्तर पर सप्लाई बाधित होने की वजह से लग रही हैं।

 


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Content Editor

Anu Malhotra

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