LPG Gas Price Today: भारत में LPG गैस महंगी, जानें कितना है आज गैस का रेट
punjabkesari.in Wednesday, Mar 11, 2026 - 10:54 AM (IST)
LPG Gas Price: सात समंदर पार मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में चल रहे तनाव से भारत के भीतर घरेलू और कमर्शियल, दोनों तरह के LPG सिलेंडरों की कीमतों में जो उछाल आया है, उसके पीछे एक गहरा अंतरराष्ट्रीय गणित काम कर रहा है। दरअसल, भारत अपनी कुल जरूरत का लगभग 60% LPG विदेशों से मंगाता है, और इस आयात का 80 से 90 प्रतिशत हिस्सा कतर, सऊदी अरब, यूएई और कुवैत जैसे खाड़ी देशों से आता है।
क्यों बढ़े दाम
तनाव की वजह से सबसे बड़ी मुसीबत 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' के समुद्री रास्ते पर आई है। यह वह रास्ता है जहां से भारत आने वाले ज्यादातर जहाज गुजरते हैं। युद्ध के कारण यह मार्ग अब असुरक्षित हो चुका है, जिसकी वजह से जहाजों को अपना रास्ता बदलकर लंबे चक्कर काटकर आना पड़ रहा है। इस फेरबदल से न केवल समय ज्यादा लग रहा है, बल्कि ईंधन और संचालन का खर्च भी कई गुना बढ़ गया है। इसके अलावा, युद्ध क्षेत्र से गुजरने वाले जहाजों का 'वॉर-रिस्क इंश्योरेंस' (बीमा) इतना महंगा हो गया है कि शिपिंग कंपनियों ने अपना किराया बढ़ा दिया है, जिसका सीधा बोझ अंततः आम आदमी की जेब और सिलेंडर की कीमतों पर पड़ रहा है।
आज के ताज़ा दाम (शहर-वार LPG रेट्स)
ताज़ा बदलाव के बाद देश के प्रमुख शहरों में घरेलू (14.2 Kg) और कमर्शियल (19 Kg) सिलेंडर के दाम कुछ इस प्रकार हैं:
| शहर | डोमेस्टिक (14.2 Kg) | कमर्शियल (19 Kg) |
| नई दिल्ली | ₹913.00 (+₹60.00) | ₹1,884.50 (+₹144.00) |
| कोलकाता | ₹939.00 (+₹60.00) | ₹1,988.50 (+₹144.00) |
| मुंबई | ₹912.50 (+₹60.00) | ₹1,836.00 (+₹144.00) |
| बेंगलुरु | ₹915.50 (+₹60.00) | ₹1,958.00 (+₹144.00) |
| हैदराबाद | ₹965.00 (+₹60.00) | ₹2,105.50 (+₹144.00) |
| पटना | ₹1,002.50 (+₹60.00) | ₹2,133.50 (+₹144.00) |
| लखनऊ | ₹950.50 (+₹60.00) | ₹2,007.00 (+₹144.00) |
राहत की बात यह है कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने कमर कस ली है। हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी और हरदीप सिंह पुरी के बीच हुई मुलाकात के बाद LPG उत्पादन में 10% की बढ़ोतरी का फैसला लिया गया है। वहीं दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डोनाल्ड ट्रंप के बयानों के बाद तेल की कीमतों में कुछ गिरावट की उम्मीद भी जगी है। फिलहाल भारत सरकार अमेरिका और रूस जैसे वैकल्पिक देशों से सप्लाई बढ़ाने की कोशिश कर रही है ताकि सप्लाई चेन बनी रहे। हालांकि, बाजार के जानकारों का मानना है कि आने वाले कुछ हफ्ते बेहद नाजुक हैं- अगर मिडिल ईस्ट में शांति नहीं लौटी और समुद्री रास्ते बाधित रहे, तो सप्लाई पर दबाव बना रहेगा और कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
