अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन 27 जुलाई को रहेंगे भारत दौरे पर , एस जयशंकर से करेंगे मुलाकात

2021-07-21T07:17:19.863

नई दिल्लीः अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन 27-28 जुलाई को भारत की यात्रा पर आएंगे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वह अपने समकक्ष विदेश मंत्री एस जयशंकर से मिलेंगे। इसके अलावा उनके पीएम नरेंद्र मोदी से भी मिलने की संभावना है। यह ब्लिंकन की अमेरिकी विदेश मंत्री के रूप में भारत की पहली यात्रा होगी। 
PunjabKesari
इस यात्रा का मुख्य जोर इस साल के अंत में वाशिंगटन में क्वाड समूह के नेताओं की भौतिक मौजूदगी में एक शिखर सम्मेलन के लिए आधार तैयार करना होगा। क्वाड में भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका शामिल हैं। अमेरिका हिंद-प्रशांत क्षेत्र में व्यावहारिक सहयोग को बढ़ावा देने के साथ-साथ समूह के प्रति वाशिंगटन की प्रतिबद्धता के बारे में एक मजबूत संकेत देने के लिए क्वाड के नेताओं की भौतिक मौजूदगी में एक शिखर सम्मेलन को आयोजित करने पर विचार कर रहा है। 
PunjabKesari
जनवरी में बाइडन प्रशासन के सत्ता में आने के बाद ब्लिंकन भारत आने वाले इसके दूसरे उच्च पदस्थ अधिकारी होंगे। अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड जे ऑस्टिन ने द्विपक्षीय रक्षा और सुरक्षा संबंधों को और बढ़ावा देने के लिए मार्च में भारत की तीन दिवसीय यात्रा की थी। ऑस्टिन की भारत यात्रा भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के क्वाड समूह के शीर्ष नेतृत्व द्वारा राष्ट्रपति जो बाइडन द्वारा आयोजित एक डिजिटल शिखर सम्मेलन में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपने सहयोग का विस्तार करने की प्रतिबद्धता जताये जाने के कुछ दिनों बाद हुई थी। 

चीन की बढ़ती सैन्य ताकत के मद्देनजर हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उभरती स्थिति प्रमुख वैश्विक शक्तियों के बीच एक प्रमुख चर्चा का विषय बन गई है। कई देश और समूह हिंद-प्रशांत के बढ़ते रणनीतिक हितों को देखते हुए अपने दृष्टिकोण के साथ सामने आए हैं। अप्रैल में, यूरोपीय संघ हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए अपनी प्राथमिकताओं और दृष्टि को सूचीबद्ध करने के लिए एक व्यापक रणनीति के साथ सामने आया। 

ब्लिंकन की भारत यात्रा के दौरान, दोनों पक्षों द्वारा कई द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किये जाने की उम्मीद है, जिसमें अफगानिस्तान में तेजी से विकसित हो रही स्थिति, क्षेत्र में चीन की बढ़ती मुखरता और कोरोना वायरस महामारी से निपटने में सहयोग को बढ़ावा देने के तरीके शामिल हैं।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गत मई में अमेरिका का दौरा किया था, जिस दौरान उन्होंने प्रमुख अमेरिकी फार्मा कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की थी। जयशंकर की अमेरिका की पांच दिवसीय यात्रा का मुख्य जोर देश के टीका उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए अमेरिका से भारत को कच्चे माल की आपूर्ति पर था। उम्मीद है कि भारत-अमेरिका वार्ता में अफगानिस्तान की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। 
 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Pardeep

Recommended News