अमेरिका में गूंजा भारत में वोटर सूची से 13 करोड़ नाम हटाने का मुद्दा; US सांसद ने मोदी सरकार पर साधा निशाना, बोलीं-लोकतंत्र की रक्षा जरूरी
punjabkesari.in Thursday, Oct 15, 2026 - 01:09 PM (IST)
Washington: भारतीय मूल की अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल ने भारत में मतदाता सूची के मसौदे से 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने की खबरों पर चिंता जताई है। जयपाल ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में बुधवार को कहा, ''भारत सरकार द्वारा 13 करोड़ लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाने की कार्रवाई को लेकर मैं बेहद चिंतित हूं।'' इस मुद्दे पर किसी अमेरिकी सांसद की ओर से यह पहली टिप्पणी है। वाशिंगटन राज्य से डेमोक्रेटिक पार्टी की सांसद जयपाल ने भारत में ''लोकतंत्र विरोधी प्रयासों'' का मुकाबला करने के लिए किए जा रहे अहिंसक विरोध प्रदर्शनों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि भारत में हो रहे घटनाक्रम अमेरिका में ट्रंप प्रशासन द्वारा लोकतंत्र में मतदान के अधिकारों को कमजोर करने के लिए अपनाए जा रहे तरीकों जैसे प्रतीत होते हैं।
जयपाल ने कहा कि हर जगह लोकतंत्र की रक्षा करना बेहद जरूरी है और भारतीय नागरिकों को भी अमेरिकियों की तरह स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव का अधिकार है। उन्होंने कहा, ''ऐसे समय में अहिंसक प्रतिरोध आंदोलन बेहद जरूरी हैं। मैं भारत में लोकतंत्र विरोधी प्रयासों का मुकाबला करने के लिए अहिंसक विरोध प्रदर्शन कर रहे भारतीय लोगों के साथ खड़ी हूं।'' भारत निर्वाचन आयोग के साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के पहले और दूसरे चरण के दौरान मसौदा मतदाता सूचियों से करीब 7.2 करोड़ नाम हटाए गए।
SIR के तीसरे चरण के तहत 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की मसौदा मतदाता सूचियां प्रकाशित की गई हैं। इस चरण में हटाए गए मतदाताओं की संख्या 6.16 करोड़ है। निर्वाचन आयोग ने कहा है कि यदि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान किसी पात्र मतदाता का नाम अनजाने में छूट गया है, तो वह दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया के तहत नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकता है। इसके बाद वह फॉर्म छह के माध्यम से भी नाम शामिल कराने का अनुरोध कर सकता है।
