DHS आंकड़ों में खुलासाः अमेरिका से भारतीय छात्रों का मोहभंग, US जाने वालों की संख्या में रिकॉर्ड गिरावट
punjabkesari.in Sunday, Nov 01, 2026 - 01:12 PM (IST)
Washington: अमेरिका में पढ़ाई करने का सपना देखने वाले भारतीय छात्रों की संख्या में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। अमेरिका में भारतीय छात्रों की संख्या में लगातार गिरावट का रुझान सामने आया है। अमेरिकी सरकार के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर 2026 में अमेरिका में सक्रिय भारतीय छात्रों की संख्या सालाना आधार पर 13.5 प्रतिशत घट गई। इसके बावजूद भारत अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय छात्रों का सबसे बड़ा स्रोत बना हुआ है। स्टूडेंट एंड एक्सचेंज विजिटर इंफॉर्मेशन सिस्टम (SEVIS) के आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2025 में अमेरिका में 3,66,258 भारतीय छात्र सक्रिय थे। अक्टूबर 2026 में यह संख्या घटकर 3,16,893 रह गई। यानी एक साल में 49,365 छात्रों की कमी आई है।
अंतरराष्ट्रीय छात्रों की कुल संख्या में भी गिरावट
भारतीय छात्रों की संख्या में आई गिरावट अमेरिका में विदेशी छात्रों की कुल संख्या में आई कमी से भी ज्यादा है। अक्टूबर 2025 में अमेरिका में कुल 12,83,240 अंतरराष्ट्रीय छात्र सक्रिय थे। अक्टूबर 2026 में यह संख्या घटकर 11,92,572 रह गई। इसमें करीब 7.1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। चीन के छात्रों की संख्या में भी कमी आई है। अमेरिका में भारतीय छात्रों के बाद दूसरे स्थान पर चीन है। अक्टूबर 2025 में वहां 2,45,038 चीनी छात्र थे, जो अक्टूबर 2026 में घटकर 2,20,157 रह गए। यानी करीब 10.2 प्रतिशत की गिरावट आई। अमेरिका में कुल विदेशी छात्रों में भारतीयों की हिस्सेदारी भी घटकर 28.5 प्रतिशत से 26.6 प्रतिशत रह गई है।
मास्टर्स करने वाले भारतीय छात्रों की संख्या 20% घटी
आंकड़ों में सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि अमेरिका में मास्टर्स की पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्रों की संख्या में करीब 20 प्रतिशत की गिरावट आई है।अक्टूबर 2025 में अमेरिका में 2,92,929 भारतीय छात्र मास्टर्स कार्यक्रमों में नामांकित थे। अक्टूबर 2026 में यह संख्या घटकर 2,34,034 रह गई। यानी एक साल में 58,895 छात्रों की कमी आई। भारतीय छात्रों का बड़ा हिस्सा अमेरिका में मास्टर्स की पढ़ाई के लिए जाता है। ऐसे में इस श्रेणी में आई गिरावट को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
PhD करने वाले भारतीय छात्रों की संख्या बढ़ी
जहां मास्टर्स के लिए जाने वाले भारतीय छात्रों की संख्या घटी है, वहीं डॉक्टरेट यानी पीएचडी कार्यक्रमों में भारतीय छात्रों की संख्या बढ़ी है। आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर 2025 में अमेरिका में 28,609 भारतीय छात्र डॉक्टरेट की पढ़ाई कर रहे थे। अक्टूबर 2026 में यह संख्या बढ़कर 41,729 हो गई। यानी इस श्रेणी में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं, स्नातक यानी बैचलर डिग्री की पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्रों की संख्या भी घटी है। अक्टूबर 2025 में यह आंकड़ा 38,522 था, जो अक्टूबर 2026 में घटकर 36,011 रह गया।
पुरुष छात्रों की संख्या महिलाओं से ज्यादा
अमेरिका में सक्रिय भारतीय छात्रों में पुरुषों की संख्या महिलाओं के मुकाबले काफी ज्यादा है। अक्टूबर 2026 के आंकड़ों के अनुसार, कुल 3,16,893 भारतीय छात्रों में 1,95,341 पुरुष और 1,21,552 महिलाएं थीं। भारतीय छात्रों की संख्या में गिरावट ऐसे समय आई है, जब अमेरिका में छात्र वीजा की जांच सख्त की जा रही है। इसके अलावा वैकल्पिक व्यावहारिक प्रशिक्षण (OPT) और विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग एवं गणित (STEM) से जुड़े विस्तार कार्यक्रमों पर प्रस्तावित शुल्क तथा कानूनी आव्रजन के रास्तों पर सख्ती भी चर्चा में है। भारतीय मूल के नेताओं के संगठन इंडियास्पोरा ने 30 अक्टूबर को जारी बयान में कहा कि कम भारतीय छात्र अमेरिका में पढ़ाई के लिए जा रहे हैं। संगठन ने इस रुझान को चुनावी मौसम में भारतीयों के खिलाफ बयानबाजी से भी जोड़ा है। नेपाल जैसे अन्य दक्षिण एशियाई देशों के छात्रों की संख्या में भी कमी आई है। अमेरिका में नेपाली छात्रों का आंकड़ा अक्टूबर 2025 के 35,273 से घटकर अक्टूबर 2026 में 33,992 रह गया।
