Rain Alert: उत्तर भारत में फिर लौटेगी कंपकंपी: दो वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव, 10 राज्यों में  9 से 11 फरवरी तक बारिश और बर्फबारी का अलर्ट

punjabkesari.in Friday, Feb 06, 2026 - 10:52 AM (IST)

नेशनल डेस्क: उत्तर भारत में मौसम फिर सख्त होने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार, 9 से 11 फरवरी तक दो वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय रहेंगे, जिनका असर करीब 10 राज्यों पर पड़ेगा। राजधानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड और हिमालयी राज्यों में तेज हवाएं, बारिश और बर्फबारी का खतरा है। खासकर पहाड़ी इलाकों में सफेद चादर बिछ सकती है और मैदानी क्षेत्रों में भी बारिश के कारण ठंड बढ़ेगी।

 मौसम विभाग की मानें तो आने वाले तीन दिनों में फिजा बदलने वाली है। आसमान में एक नहीं, बल्कि दो-दो 'पश्चिमी विक्षोभ' यानी वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की जुगलबंदी होने जा रही है, जिसका सीधा असर देश के करीब 10 राज्यों पर पड़ेगा। 8 फरवरी की रात से मौसम का एक नया दौर शुरू होगा, जो हड्डियों को कंपा देने वाली ठिठुरन वापस ला सकता है।

आसमान से बरसेगी आफत या राहत?
अगले कुछ दिनों में दिल्ली की सुबह और शाम फिर से सर्द होने वाली है। राजधानी में बादलों का डेरा रहेगा और 11 फरवरी तक बूंदाबांदी की पूरी संभावना है। केवल दिल्ली ही नहीं, बल्कि उत्तर-पश्चिम भारत के बड़े हिस्से में 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सर्द हवाएं चलेंगी, जो शरीर में सिहरन पैदा कर देंगी। उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में सुबह के वक्त घना कोहरा लोगों की रफ्तार थाम सकता है, जबकि उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में पाला गिरने की भी चेतावनी दी गई है।

पहाड़ों पर बर्फ की चादर और मैदानों में बारिश
हिमालय की पहाड़ियों पर बर्फबारी का दौर फिर से तेज होने वाला है। जम्मू-कश्मीर से लेकर लद्दाख और हिमाचल तक, 9 से 11 फरवरी के बीच पहाड़ों पर सफेद चादर बिछ सकती है। हिमाचल के मंडी और कांगड़ा जैसे जिलों में तो बाकायदा येलो अलर्ट जारी कर दिया गया है। वहीं मैदानी इलाकों जैसे मध्य प्रदेश और यूपी में बारिश की फुहारें मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल देंगी। ईरान और अफगानिस्तान की तरफ से आ रही मौसमी हलचल और तेज रफ्तार जेट स्ट्रीम ने फरवरी के महीने को भी जनवरी जैसा सर्द बना दिया है।

क्या करें और क्या न करें?
इस बदलते मौसम में सेहत का ख्याल रखना सबसे जरूरी है। भले ही दोपहर में हल्की धूप खिली हो, लेकिन सुबह-शाम की गलन आपको बीमार कर सकती है। खासकर बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह समय सावधानी बरतने का है। अगर आप पहाड़ों की सैर का मन बना रहे हैं, तो बर्फबारी और बंद रास्तों की जानकारी लेकर ही घर से निकलें। कुल मिलाकर, फरवरी का यह महीना जाते-जाते भी अपनी ठंडी यादें छोड़कर जाने वाला है।


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Content Editor

Anu Malhotra

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