Earthquake: सुबह-सुबह भूकंप के तेज झटके, भारत के इस राज्य और नेपाल की हिली धरती

punjabkesari.in Saturday, Apr 05, 2025 - 07:07 AM (IST)

इंटरनेशनल डेस्क: धरती एक बार फिर दहल उठी है। बीते कुछ दिनों से कई देशों में लगातार भूकंप के झटके महसूस किए जा रहे हैं। शुक्रवार रात पापुआ न्यू गिनी में जबरदस्त भूकंप आया, जिसकी तीव्रता 6.9 मापी गई। वहीं शनिवार सुबह भारत के लद्दाख और नेपाल में भी धरती हिलती नजर आई। लगातार आ रहे भूकंप के कारण लोगों में डर और चिंता का माहौल है। शनिवार सुबह नेपाल में 5 तीव्रता का भूकंप आया, जबकि लद्दाख में 3.6 तीव्रता के झटके महसूस किए गए। हालांकि इन दोनों स्थानों से किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर सामने नहीं आई है। इसके बावजूद लोगों के बीच डर का माहौल बना हुआ है।

 


पापुआ न्यू गिनी में आया था जोरदार भूकंप 
इससे पहले शुक्रवार देर रात पापुआ न्यू गिनी के न्यू ब्रिटेन क्षेत्र में 6.9 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। भूकंप का केंद्र समुद्र में 10 किलोमीटर गहराई पर था। झटके इतने जोरदार थे कि समुद्र में ऊंची लहरें उठने लगीं और प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र ने अलर्ट जारी कर दिया था। हालांकि कुछ ही घंटों बाद इस अलर्ट को वापस ले लिया गया।

दिल्ली-NCR में भी हिली धरती 
पिछले दिनों भारत की राजधानी दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। भूकंप की तीव्रता 5 मापी गई थी और इसका केंद्र नेपाल में पाया गया था। झटकों के बाद लोग अपने घरों और ऑफिसों से बाहर निकलकर सड़कों पर आ गए थे।

अभी भी बनी हुई है आशंका
 भूकंप वैज्ञानिकों के अनुसार, लगातार आ रहे झटकों का मतलब यह हो सकता है कि धरती की टेक्टोनिक प्लेट्स में जबरदस्त हलचल हो रही है। ऐसे में किसी बड़े भूकंप की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। नेपाल, भारत, इंडोनेशिया और पापुआ न्यू गिनी जैसे देश 'रिंग ऑफ फायर' में आते हैं, जहां भूकंप और ज्वालामुखी सक्रियता अधिक होती है।

भूकंपरोधी तकनीक की जरूरत 
विशेषज्ञों की मानें तो भूकंप से बचने का एकमात्र उपाय है भूकंपरोधी तकनीक से घरों और इमारतों का निर्माण करना। खासकर पहाड़ी इलाकों और भूकंप संभावित क्षेत्रों में यह बहुत जरूरी है।

नुकसान नहीं लेकिन दहशत बरकरार 
फिलहाल नेपाल, लद्दाख या पापुआ न्यू गिनी में किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं आई है लेकिन लोगों में भय का माहौल है।

 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Ashutosh Chaubey

Related News