बर्फी पर चमकती ''चांदी'' से कैंसर का खतरा? FSSAI और WHO की चेतावनी जानकर दंग रह जाएंगे आप!
punjabkesari.in Saturday, Feb 28, 2026 - 05:08 PM (IST)
Silver foil on sweets: त्योहारों का सीजन हो या कोई खास अवसर, चांदी के वर्क से सजी मिठाइयां हमेशा थाली की शोभा बढ़ाती हैं। काजू कतली से लेकर शाही पान तक, चांदी की यह बारीक परत न केवल मिठाई को सुंदर बनाती है बल्कि इसे राजसी लुक भी देती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जो 'चांदी' आप खा रहे हैं, वह वास्तव में शुद्ध चांदी है या एल्युमीनियम जैसी कोई हानिकारक धातु? स्वास्थ्य विशेषज्ञों और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने इसे लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
मिठाई पर क्या है यह चमकदार परत?
मिठाइयों पर चढ़ी यह परत 'चांदी का वर्क' कहलाती है। FSSAI और WHO के मानकों के अनुसार, यह परत कम से कम 99.9% शुद्ध चांदी की होनी चाहिए। हालांकि, लागत कम करने के लिए अक्सर इसमें एल्युमीनियम, निकल, सीसा (Lead) या कैडमियम जैसी भारी धातुओं की मिलावट की जाती है, जो सेहत के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं।
क्या चांदी का वर्क खाना सुरक्षित है?
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि चांदी का वर्क 99.9% शुद्ध है, तो इसका सेवन पूरी तरह सुरक्षित है। शुद्ध चांदी शरीर में पचती नहीं है और मल के रास्ते बाहर निकल जाती है, जिससे शरीर को कोई नुकसान नहीं पहुंचता। समस्या तब शुरू होती है जब इसमें मिलावट होती है।
मिलावटी वर्क: कैंसर और किडनी की बीमारी का खतरा
यदि मिठाई पर चांदी की जगह एल्युमीनियम या अन्य धातुओं का उपयोग किया गया है, तो यह शरीर के लिए 'स्लो पॉइजन' की तरह काम कर सकता है:
एल्युमीनियम का खतरा: यह मस्तिष्क और हड्डियों को नुकसान पहुंचा सकता है।
गर्भावस्था पर असर: कोकिलाबेन अस्पताल की एक रिपोर्ट के अनुसार, मिलावटी वर्क गर्भवती महिलाओं और भ्रूण के विकास के लिए बेहद हानिकारक है।
भारी धातुएं: सीसा (Lead) और कैडमियम जैसी धातुओं के सेवन से कैंसर और किडनी फेल होने जैसी जानलेवा बीमारियां हो सकती हैं।
घर पर कैसे करें शुद्धता की पहचान? (Testing Tips)
आप इन दो आसान तरीकों से असली चांदी और एल्युमीनियम के बीच फर्क पता लगा सकते हैं:
| जांच का तरीका | असली चांदी (शुद्ध) | नकली वर्क (एल्युमीनियम) |
| छूकर देखें | उंगली से छूते ही चिपक जाता है और उंगली पर ही विलीन हो जाता है। | यह उंगली पर चिपकता नहीं, बल्कि टुकड़ों में टूट जाता है और भारी लगता है। |
| जलाकर देखें | जलाने पर यह एक छोटी सी सफेद गेंद (Ball) जैसा बन जाता है। | जलाने पर यह काला पड़ जाता है और राख की तरह दिखाई देता है। |
