युवाओं के लिए खतरे की घंटी! 6 घंटे से ज्यादा स्क्रीन टाइम बढ़ा रहा है हार्ट अटैक का खतरा, नई रिसर्च में खुलासा

punjabkesari.in Thursday, Apr 02, 2026 - 06:17 PM (IST)

Risk of heart attack : क्या आप भी दिन भर मोबाइल, लैपटॉप या टीवी स्क्रीन के सामने घंटों बिताते हैं? अगर हां, तो सावधान हो जाइए। अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी के 2026 के वार्षिक वैज्ञानिक सत्र (ACC.26) में पेश की गई एक नई स्टडी ने आधुनिक जीवनशैली को लेकर खतरे की घंटी बजा दी है। शोध के अनुसार, रोजाना 6 घंटे से अधिक का स्क्रीन टाइम आपके दिल की सेहत को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा सकता है, भले ही आप शारीरिक रूप से सक्रिय (Active) क्यों न हों। 

रिसर्च के चौंकाने वाले आंकड़े 

यह अध्ययन मुख्य रूप से युवाओं की डिजिटल आदतों और उनके कार्डियोवैस्कुलर स्वास्थ्य के बीच संबंध को समझने के लिए किया गया। पाकिस्तान के कराची और हैदराबाद जैसे शहरों में रहने वाले लगभग 35 वर्ष की आयु के 382 लोगों पर यह रिसर्च की गई। जो लोग दिन में 6 घंटे से अधिक स्क्रीन का उपयोग करते हैं, उनमें कम स्क्रीन टाइम वालों की तुलना में निम्नलिखित बदलाव देखे गए: 

ब्लड प्रेशर: औसत रक्तचाप में 18 mmHg तक की वृद्धि। 

कोलेस्ट्रॉल: खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) का स्तर 28 mg/dL ज्यादा, जबकि अच्छा कोलेस्ट्रॉल (HDL) 3.9 mg/dL कम पाया गया। 

मोटापा: स्क्रीन पर ज्यादा समय बिताने वालों में कमर का घेरा और बॉडी मास इंडेक्स (BMI) काफी बढ़ा हुआ था। 

केवल स्क्रीन ही नहीं, बुरी आदतें भी हैं जिम्मेदार 

अत्यधिक स्क्रीन उपयोग न केवल सीधे तौर पर दिल को प्रभावित करता है, बल्कि यह अन्य जानलेवा आदतों को भी जन्म देता है। रिसर्च में पाया गया कि: 

नशा: 6 घंटे से अधिक स्क्रीन देखने वालों में सिगरेट और वेपिंग (Vaping) की लत 25% पाई गई, जबकि कम स्क्रीन देखने वालों में यह केवल 12% थी। 

नींद की कमी: डिजिटल उपकरणों का अधिक उपयोग नींद के पैटर्न को पूरी तरह बिगाड़ देता है। 

खराब खान-पान: स्क्रीन के सामने बैठकर 'बिंज ईटिंग' (बिना सोचे-समझे खाना) से हृदय रोगों का खतरा दोगुना हो जाता है। 

हेल्थ एक्सपर्ट्स की सलाह: कैसे रखें दिल का ख्याल? 

कार्डियोलॉजिस्ट्स का मानना है कि डिजिटल युग में 'बैलेंस' ही बचाव का एकमात्र रास्ता है। दिल को स्वस्थ रखने के लिए ये बदलाव जरूरी हैं: 

6 घंटे का नियम: मनोरंजन के लिए स्क्रीन का इस्तेमाल रोजाना 6 घंटे से कम करने का लक्ष्य रखें। 

डिजिटल डिटॉक्स: सोकर उठने के पहले घंटे और सोने से एक घंटे पहले फोन को खुद से दूर रखें। 

एक्टिव कॉल: फोन पर बात करते समय बैठने के बजाय टहलने (Walk and Talk) की आदत डालें। 

नियमित व्यायाम: हफ्ते में कम से कम 150 मिनट की मध्यम शारीरिक गतिविधि अनिवार्य करें। 

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी केवल जागरूकता के लिए है। यह किसी पेशेवर चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।


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Content Writer

Ramanjot

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