इस राज्य में Pregnant महिलाओं के साथ पतियों का भी होगा HIV और सिफलिस टेस्ट, जानें क्यों?

punjabkesari.in Sunday, Apr 05, 2026 - 01:50 PM (IST)

New HIV Syphilis Testing Policy : हरियाणा सरकार ने प्रदेश में एचआईवी (HIV) और सिफलिस जैसी जानलेवा बीमारियों की जड़ पर प्रहार करने के लिए एक बेहद सख्त और दूरगामी फैसला लिया है। नई स्वास्थ्य नीति के तहत अब राज्य में गर्भवती महिलाओं के साथ-साथ उनके पतियों का भी HIV और सिफलिस टेस्ट अनिवार्य किया जाएगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य गर्भ में पल रहे मासूम बच्चे को संक्रमण से बचाना और प्रदेश को एड्स मुक्त बनाना है।

कैसे और कहां लिया गया यह बड़ा फैसला?

चंडीगढ़ में हरियाणा राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी (HSACS) की 23वीं वर्किंग कमेटी की बैठक में इस पॉलिसी पर मुहर लगी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (ACS) डॉ. सुमिता मिश्रा की अध्यक्षता में हुई इस मीटिंग में तय किया गया कि कामकाजी महिलाओं के लिए 'HIV एड्स कार्यस्थल नीति' लागू की जाएगी। इसके तहत अब प्रेग्नेंट महिला के पति की जांच रिपोर्ट भी अनिवार्य होगी।

5 पॉइंट्स में समझें पूरी पॉलिसी का 'A-B-C-D'

  • बच्चे की सुरक्षा सबसे पहले: सरकार का तर्क है कि अगर पिता संक्रमित है तो मां के जरिए यह संक्रमण बच्चे तक पहुंच सकता है। पतियों के टेस्ट से इस 'चेन' को समय रहते तोड़ा जा सकेगा।

  • भारी-भरकम लक्ष्य: राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (NACO) ने इस साल हरियाणा में लगभग 6 लाख (5,95,880) टेस्ट करने का टारगेट दिया है। भविष्य में इसे बढ़ाकर सालाना 12 लाख टेस्ट करने की योजना है।

  • बजट और नई लैब: इस पूरी योजना के लिए साल 2026-27 के लिए 47.16 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित किया गया है। इसके अलावा पंचकूला में एक नई अत्याधुनिक HIV वायरल लोड लैब बनाने को मंजूरी दी गई है (अभी केवल रोहतक PGIMS में ऐसी लैब है)।

  • डिजिटल मॉनिटरिंग: संक्रमित व्यक्तियों (PLHIV) के लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म बनेगा। मरीजों को फोन पर वॉइस मैसेज और अलर्ट के जरिए इलाज और दवाओं (Follow-up) के लिए रिमाइंडर भेजे जाएंगे।

  • बीमारियों पर प्रहार: HIV जहां शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को खत्म कर देता है वहीं सिफलिस एक गंभीर बैक्टीरिया जनित संक्रमण है। इन दोनों की जांच से भविष्य की पीढ़ी को दिव्यांगता और गंभीर रोगों से बचाया जा सकेगा।

क्या हैं ये बीमारियां?

  • HIV: यह वायरस व्हाइट ब्लड सेल्स पर हमला कर शरीर को टीबी और कैंसर जैसी बीमारियों के प्रति असुरक्षित बना देता है। अंतिम स्टेज में यह 'एड्स' का रूप ले लेता है।

  • सिफलिस: यह एक यौन संचारित संक्रमण (STI) है। यदि गर्भवती महिला इससे पीड़ित है तो बच्चे के मानसिक या शारीरिक विकास में गंभीर बाधा आ सकती है।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Rohini Oberoi

Related News