RBI ने 2025 में क्यों घटाई सोने की खरीद? फिर भी गोल्ड रिजर्व रिकॉर्ड स्तर पर कैसे पहुंचा जानिये...
punjabkesari.in Tuesday, Jan 20, 2026 - 10:39 PM (IST)
नेशनल डेस्क: साल 2025 में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की सोने की खरीद में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (World Gold Council) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, RBI ने पूरे साल में सिर्फ 4.02 टन सोना खरीदा, जबकि 2024 में यह आंकड़ा 72.6 टन था। यानी महज एक साल में करीब 94 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।
कम खरीद के बावजूद RBI के पास रिकॉर्ड गोल्ड स्टॉक
भले ही 2025 में खरीद सुस्त रही हो, लेकिन इसके बावजूद RBI के पास मौजूद कुल सोना अब रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। फिलहाल RBI के पास 880.2 टन गोल्ड रिजर्व है, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है। नवंबर 2025 तक RBI के गोल्ड रिजर्व की कुल कीमत 100 अरब डॉलर से ज्यादा हो चुकी है। इतना ही नहीं, भारत के कुल विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) में सोने की हिस्सेदारी भी तेज़ी से बढ़ी है।
- 2024 में गोल्ड का शेयर: करीब 10%
- 2025 में बढ़कर: 16%
- मार्च 2021 में सिर्फ: 5.87%
यानी पिछले पांच सालों में RBI ने अपने रिजर्व में सोने की अहमियत लगभग तीन गुना बढ़ा दी है।
RBI ने सोने की खरीद धीमी क्यों की?
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल का कहना है कि RBI ने खरीद इसलिए कम की क्योंकि उसके कुल रिजर्व में सोने की हिस्सेदारी पहले ही काफी मजबूत हो चुकी है। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की ऊंची कीमतों के कारण भी RBI अब ज्यादा संतुलित और रणनीतिक तरीके से रिजर्व मैनेजमेंट कर रहा है।
सरल शब्दों में कहें तो RBI अब ज्यादा सोना जोड़ने की बजाय, पहले से मौजूद गोल्ड रिजर्व को बेहतर तरीके से मैनेज करने पर फोकस कर रहा है।
RBI का सोना कहां रखा गया है?
RBI का पूरा सोना भारत में नहीं रखा गया है। मार्च 2025 तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार:
- कुल सोना: 879.59 टन
- भारत में रखा गया: करीब 512 टन
- बाकी सोना सुरक्षित रखा गया है:
- बैंक ऑफ इंग्लैंड
- बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स (BIS)
- कुछ हिस्सा गोल्ड डिपॉजिट के रूप में भी रखा गया है।
दुनिया के सेंट्रल बैंक और सोने की बढ़ती अहमियत
सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि दुनियाभर के सेंट्रल बैंक भी बीते कुछ वर्षों से जमकर सोना खरीद रहे हैं। दिसंबर 2025 तक वैश्विक सेंट्रल बैंकों के पास कुल 32,140 टन सोना जमा हो चुका है।
- 2022 में खरीद: 1,082 टन
- 2023 में: 1,037 टन
- 2024 में रिकॉर्ड: 1,180 टन
- 2025 में भी खरीद: 1,000 टन से ऊपर रहने का अनुमान
अब सेंट्रल बैंकों के रिजर्व में सोना, डॉलर के बाद दूसरी सबसे अहम एसेट बन चुका है। गोल्ड की हिस्सेदारी 20% तक पहुंच गई है, जो यूरो (16%) से भी ज्यादा है। खास बात यह है कि 1996 के बाद पहली बार सेंट्रल बैंकों के पास US ट्रेजरी बॉन्ड से ज्यादा सोना हो गया है।
