रेलवे ने लगातार चौथे साल माल ढुलाई और राजस्व का तोड़ा रिकॉर्ड

punjabkesari.in Tuesday, Apr 01, 2025 - 04:33 PM (IST)

नेशनल डेस्क. भारतीय रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2025 में लगातार चौथे वर्ष अपनी फ्रेट लोडिंग और राजस्व के रिकॉर्ड को बेहतर किया, जो रेलवे अधिकारियों के अनुसार एक बड़ी उपलब्धि है।

वित्तीय वर्ष 2025 में रेलवे द्वारा लोड किए गए माल का कुल वजन 1.61 बिलियन टन को पार कर गया, जिससे भारत का रेलवे नेटवर्क अब दुनिया में फ्रेट लोडिंग के मामले में चीन के बाद दूसरा सबसे बड़ा नेटवर्क बन गया है। इस दौरान भारत ने संयुक्त राज्य अमेरिका को पीछे छोड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की है।

इस वर्ष की समाप्ति 31 मार्च को हुई, जिसमें रेलवे का पूंजीगत व्यय बजट अनुमान से थोड़ा अधिक 2.65 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा। भारतीय रेलवे का कुल राजस्व वित्तीय वर्ष 2025 में 2.62 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया, जो तीन साल लगातार वित्तीय संतुलन बनाए रखने का संकेत है।

यात्री परिवहन से आय 70,693 करोड़ रुपये से बढ़कर 75,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गई, लेकिन बजट में निर्धारित 80,000 करोड़ रुपये के लक्ष्य को पूरा करने में यह थोड़ी कमी आई। इसके बावजूद रिकॉर्ड संख्या में यात्रियों को अपने साथ लेकर रेलवे ने यात्री सेवा क्षेत्र में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी की है, खासकर कुम्भ मेला के दौरान।

रेलवे के एक अधिकारी ने कहा, "रेलवे को यह सुनिश्चित करना होगा कि वह सामूहिक परिवहन का सबसे किफायती और विश्वसनीय साधन बना रहे।"

कोयला परिवहन में 817 मिलियन टन की वृद्धि हुई, जो पिछले वर्ष 781 मिलियन टन थी। इसने थर्मल पावर प्लांट्स में कोयले की उपलब्धता को बेहतर बनाया। पावर प्लांट्स में कोयले का समापन भंडार 50 मिलियन टन से बढ़कर 57 मिलियन टन हो गया।

कंटेनर परिवहन में 10% की वृद्धि हुई, जो 37.95 मिलियन टन तक पहुंच गई। इस साल में 5,98,000 रेक लोड किए गए, जो पिछले वर्ष से 8% अधिक था। वहीं पार्सल परिवहन में लगभग 29% की वृद्धि हुई, जो 1.3 मिलियन टन तक पहुंच गया। साथ ही पार्सल की संख्या 31 मिलियन से बढ़कर 44 मिलियन हो गई।

यह संख्या रेलवे के राजस्व स्रोतों को विविध बनाने के प्रयासों के अनुरूप है। रेलवे ने अपनी स्क्रैप बिक्री से 6,500 करोड़ रुपये से अधिक की आय भी अर्जित की है। इस तरह भारतीय रेलवे ने न केवल माल परिवहन में नए रिकॉर्ड बनाए बल्कि अपने वित्तीय स्वास्थ्य को भी मजबूत किया, जो देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान है।


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Content Editor

Parminder Kaur

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