''छात्रों को धमकाने की हिम्मत कैसे हुई'', राहुल गांधी ने DU द्वारा जारी एडवाइजरी पर साधा निशाना
punjabkesari.in Friday, Jul 24, 2026 - 12:42 PM (IST)
नेशनल डेस्क: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को दिल्ली यूनिवर्सिटी की उस एडवाइज़री पर निशाना साधा जिसमें छात्रों से जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शनों से दूर रहने को कहा गया था। उन्होंने यूनिवर्सिटी पर लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करने के लिए छात्रों को धमकाने का आरोप लगाया। X पर दिल्ली यूनिवर्सिटी की पोस्ट शेयर करते हुए राहुल गांधी ने कहा, "लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करने के लिए छात्रों को धमकाने की हिम्मत कैसे हुई? ध्यान रहे, जब समय आएगा तो आप ही जवाबदेह होंगे।"
DU ने अपनी एडवाइज़री में कहा-
दिल्ली यूनिवर्सिटी ने अपनी एडवाइज़री में छात्रों और फैकल्टी से जंतर-मंतर पर "गैर-कानूनी सभाओं या प्रदर्शनों" से दूर रहने को कहा। यूनिवर्सिटी ने कहा कि ऐसी गतिविधियों से कानूनी कार्रवाई हो सकती है और छात्रों की सुरक्षा तथा उनके एकेडमिक और प्रोफेशनल करियर को खतरा हो सकता है। यूनिवर्सिटी ने कहा, "प्रिय छात्रों और फैकल्टी, आपकी सुरक्षा हमारे लिए मायने रखती है। कृपया ध्यान दें कि नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर कोई भी गैर-कानूनी सभा या प्रदर्शन - जो भारत के माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार सख्ती से नियंत्रित हैं - कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है।"
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How dare you threaten students for exercising their democratic rights?
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 24, 2026
Please note, you are the ones that will be held accountable when the time comes. https://t.co/Mx6D19SP5h
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छात्रों को सावधानी बरतने की दी सलाह
यूनिवर्सिटी ने छात्रों को सावधानी बरतने की सलाह भी दी और आरोप लगाया कि "हालात को भड़काने के लिए काफी मात्रा में नकली और गुमराह करने वाली सामग्री बनाई और फैलाई जा रही है।" राहुल गांधी की यह टिप्पणी NEET-UG 2026 परीक्षा को लेकर जारी विरोध-प्रदर्शनों और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के बीच आई है। इससे पहले दिन में, राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस वीडियो संदेश की आलोचना की थी जिसमें पेपर लीक में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का वादा किया गया था। उन्होंने प्रधान को हटाने, प्रदर्शनकारी छात्रों की पिटाई करने वालों को सजा देने और माफी मांगने की मांग की।
राहुल गांधी ने कहा, "मिस्टर मोदी, हमारे छात्र धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। आधी रात को जारी इस घटिया वीडियो से उनकी समझदारी का अपमान न करें।" उन्होंने आगे कहा-
1. प्रधान को बर्खास्त करें।
2. छात्रों की पिटाई करने वालों को सजा दें।
3. माफी मांगें। विपक्ष संसद में NEET मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की मांग कर रहा है और परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार पर लगातार निशाना साध रहा है।
इस बीच, CJP ने कहा है कि जंतर-मंतर पर उनका विरोध-प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते। CJP के फाउंडर अभिजीत दिपके ने कहा, "जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफ़ा नहीं देते, हमारा विरोध जारी रहेगा," वहीं प्रवक्ता दीपक बालियान ने कहा कि युवा फ़ास्ट-ट्रैक कोर्ट को लेकर सरकार के भरोसे में "नहीं आएंगे"। यह घटनाक्रम तब हुआ है जब सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने NEET परीक्षा के मुद्दे और कॉम्पिटिटिव परीक्षा सिस्टम में सुधार के बारे में केंद्र से लिखित आश्वासन मिलने के बाद अपनी 26 दिन की भूख हड़ताल खत्म की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले कहा था कि केंद्रीय कैबिनेट फ़ास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने और पेपर लीक में शामिल लोगों के लिए कड़ी सज़ा का प्रावधान करने वाले एक ड्राफ़्ट बिल पर विचार करेगी।
