राहुल गांधी का मोदी सरकार पर बड़ा हमला, बोले- सोनम वांगचुक को हटाना गलत
punjabkesari.in Saturday, Jul 18, 2026 - 05:26 PM (IST)
नेशनल डेस्क: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को कहा कि जब सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक शांतिपूर्ण तरीके से अनशन पर थे, तब उन्हें जंतर-मंतर से हटाया जाना गलत है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के मूल सिद्धांत ''असत्य और हिंसा'' हैं। कांग्रेस ने वांगचुक को जंतर-मंतर से अस्पताल स्थानांतरित करने संबंधी पुलिस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की और इस कार्रवाई को देश के लोकतंत्र और संविधान के ऊपर ''एक और काला धब्बा'' करार दिया। गांधी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार के मूल सिद्धांत ''असत्य और हिंसा'' हैं। उन्होंने कहा, ''जब सोनम वांगचुक जी शांतिपूर्ण तरीके से अनशन पर थे, तब उन्हें जंतर-मंतर से हटाया जाना गलत है।''
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The core tenets of the Modi government are Asatya and Hinsa.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 18, 2026
The removal of Sonam Wangchuk ji from Jantar Mantar while he was on a non-violent hunger strike is wrong.
Paper leaks, the rising cost of education, and student suicides are critical issues for India’s future.
No…
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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष गांधी ने कहा कि प्रश्न पत्र लीक, शिक्षा की बढ़ती लागत और विद्यार्थियों की आत्महत्याएं भारत के भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे हैं।'' उन्होंने कहा कि कोई भी ताकत भारत के विद्यार्थियों और उन लोगों को, जो उनसे प्रेम करते हैं और उन पर विश्वास करते हैं, इन मुद्दों को उठाने से रोक नहीं सकती। जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 21वें दिन स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद शनिवार तड़के वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया। पुलिस ने इसके लिए चिकित्सा सलाह और दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशों का हवाला दिया है। नयी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) सचिन शर्मा ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा कि स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने बताया कि इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने कार्रवाई में बाधा डालने का प्रयास किया, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हुई।
पुलिस ने कहा कि हालांकि, पुलिसकर्मियों ने अधिकतम संयम बरतते हुए पूरी कार्रवाई सफलतापूर्वक पूरी की। पुलिस की कार्रवाई के तुरंत बाद कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने बल प्रयोग किया। दीपके ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''दिल्ली पुलिस ने मेरे साथ मारपीट की है और मुझे हिरासत में ले लिया है।'' कॉजपा ने 'एक्स' पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें वांगचुक को सफेद चादर में लपेटकर प्रदर्शन स्थल से ले जाते हुए दिखाया गया है। कॉजपा ने कहा, ''20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे एक कमजोर बुजुर्ग को दिल्ली पुलिस ने सफेद चादर में लपेटकर वहां से उठा लिया। यह देश के लिए शर्म की बात है।'' कांग्रेस पहले ही वांगचुक से अपनी भूख हड़ताल समाप्त करने का आग्रह कर चुकी थी और कहा था कि वह उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंतित है।
