राहुल गांधी का बड़ा बयान- देश में 10 सालों में 152 पेपर लीक हुए हैं
punjabkesari.in Wednesday, Jul 22, 2026 - 04:42 PM (IST)
नेशनल डेस्क: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संसद मार्ग और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय पर हमला बोला है। राहुल गांधी ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए आरोप लगाया है कि देश की शिक्षा व्यवस्था न केवल भ्रष्ट हो चुकी है, बल्कि यह सामान्य परिवारों की पहुंच से भी बाहर होती जा रही है।
राहुल गांधी ने सरकार के सामने रखीं ये 3 प्रमुख मांगें
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को परीक्षा घोटालों और प्रशासनिक विफलता की जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।
- प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार करने वाले सुरक्षाकर्मियों व अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
- देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य के साथ हुए खिलवाड़ और उन पर हुए अत्याचार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुद सामने आकर छात्रों से माफी मांगनी चाहिए।
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LIVE: Press Conference | Indira Bhawan, New Delhi https://t.co/hpUymlX6Rf
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 22, 2026
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10 वर्षों में 152 पेपर हुए लीक लेकिन एक भी सजा नहीं
कांग्रेस नेता ने आंकड़े जारी करते हुए कहा कि बीते 10 सालों में 152 पेपर लीक हुए हैं। लेकिन इनमें पाए गए दोषियों को सजा नहीं हुई है। राहुल गांधी के अनुसार, इन घोटालों से देश के लगभग 7.5 करोड़ छात्र और उनके परिवारवाले इससे प्रभावित हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि जहाँ सरकार का कुल शिक्षा बजट करीब ₹1.4 लाख करोड़ है, वहीं अकेले NEET जैसी परीक्षाओं की तैयारी में देश के परिवार लगभग ₹1.32 लाख करोड़ खर्च कर देते हैं। इसके बावजूद अंत में उन्हें पेपर रद्द होने या लीक होने की खबर मिलती है।
मुझे अपनी चिंता नहीं: प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोले राहुल गाँधी
राहुल गांधी ने बताया की बीते दिन संसद मार्च के दौरान पुलिस द्वारा जब उन्हें हिरासत में लिया गया और उनके साथ धक्का- मुक्की की घटना हुई तो मेरे मुंह से खून निकल रहा था। लेकिन मुझे अपनी कोई परवाह नहीं है। मेरे साथ चाहे पांच गुना बुरा व्यवहार हो, ध्यान छात्रों के मुख्य मुद्दे से नहीं भटकना चाहिए।" इसी के साथ उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगें 1000% जायज हैं और कांग्रेस पार्टी उनके हक की लड़ाई में अंत तक साथ खड़ी रहेगी।
