PM मोदी सोमनाथ पहुंचे, मंदिर के उत्सवों और ‘वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन'' में भाग लेंगे
punjabkesari.in Saturday, Jan 10, 2026 - 08:43 PM (IST)
नेशनल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार को अपने तीन-दिवसीय गुजरात दौरे के तहत सोमनाथ पहुंचे और इस दौरान वह यहां 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' एवं राजकोट में ‘वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन' सहित कई कार्यक्रमों में भाग लेंगे। राज्य सरकार द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी का गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने गिर सोमनाथ जिले के वेरावल कस्बे के पास स्थित प्रसिद्ध सोमनाथ महादेव मंदिर के पास हेलीपैड पर गर्मजोशी से स्वागत किया। हेलीपैड से मोदी अपने काफिले के साथ मंदिर के पास स्थित वीवीआईपी सर्किट हाउस पहुंचे। सड़क के दोनों तरफ बड़ी संख्या में स्थानीय और बाहरी श्रद्धालु मोदी का स्वागत करने के लिए जमा हुए थे।
मोदी 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के तहत देर शाम सोमनाथ मंदिर में ‘ॐकार मंत्र' के जाप में भाग लेंगे। यह कार्यक्रम मंदिर पर 1000 वर्ष पहले हुए आक्रमण की पृष्ठभूमि में आयोजित किया जा रहा है। ये ‘स्वाभिमान पर्व' आठ जनवरी को शुरू हुए और 11 जनवरी को समाप्त होंगे। विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘‘बाद में वह मंदिर परिसर में ड्रोन शो देखेंगे। मंदिर से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाओं को दर्शाने के लिए लगभग 3,000 ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी श्री सोमनाथ ट्रस्ट के अध्यक्ष के रूप में उसकी बैठक की अध्यक्षता करेंगे।'' पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, रविवार को सुबह लगभग 9:45 बजे प्रधानमंत्री 'शौर्य यात्रा' में भाग लेंगे, जो सोमनाथ मंदिर की रक्षा करते हुए प्राणों की आहुति देने वालों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए आयोजित एक औपचारिक जुलूस है।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि शौर्य यात्रा में 108 घोड़ों का प्रतीकात्मक जुलूस निकाला जाएगा, जो वीरता और बलिदान का प्रतीक होगा। इसके बाद मोदी सुबह करीब 10:15 बजे सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे और फिर सुबह 11 बजे 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' पर आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम में भाग लेंगे। बयान में कहा गया है कि ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' भारत के उन अनगिनत नागरिकों को याद करने के लिए मनाया जा रहा है जिन्होंने मंदिर की रक्षा के लिए बलिदान दिया है, जो आने वाली पीढ़ियों की सांस्कृतिक चेतना को प्रेरित करता रहेगा। महमूद गजनी ने 1026 ईस्वी में सोमनाथ मंदिर पर हमला किया था, जिसके 1,000 वर्ष पूरे होने पर यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है।
पीआईबी ने एक बयान में कहा कि सदियों से इसे नष्ट करने के कई बार प्रयास किए जाने के बावजूद सोमनाथ मंदिर आज आस्था और राष्ट्रीय गौरव के एक शक्तिशाली प्रतीक के रूप में खड़ा है, यह सब मंदिर की प्राचीन महिमा को बहाल करने के सामूहिक संकल्प और प्रयासों के कारण संभव हुआ है। स्वतंत्रता के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल ने मंदिर के जीर्णोद्धार का प्रयास किया। इस पुनरुद्धार यात्रा में सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक 1951 में हासिल हुई, जब तत्कालीन राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद की उपस्थिति में जीर्णोद्धार किए गए सोमनाथ मंदिर को औपचारिक रूप से भक्तों के लिए खोल दिया गया। इस वर्ष ऐतिहासिक जीर्णोद्धार के 75 वर्ष पूरे होने से सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का महत्व और भी बढ़ गया है। इस समारोह में देश भर से सैकड़ों संत भाग लेंगे और मंदिर परिसर में 72 घंटे तक लगातार 'ओम्' का जाप किया जाएगा।
इसमें कहा गया है कि ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' में प्रधानमंत्री की भागीदारी भारत की सभ्यता की चिरस्थायी भावना को रेखांकित करती है और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण और उत्सव के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है। मोदी रविवार को राजकोट जाएंगे और कच्छ एवं सौराष्ट्र क्षेत्र के लिए आयोजित ‘वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन' (वीजीआरसी) में भाग लेंगे। अपराह्न करीब 1:30 बजे वह सम्मेलन में ट्रेड शो और प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे। मोदी गुजरात औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड (जीआईडीसी) की 14 ग्रीनफील्ड स्मार्ट एस्टेट के विकास की भी घोषणा करेंगे और राजकोट में जीआईडीसी के मेडिकल डिवाइस पार्क का उद्घाटन करेंगे।
वीजीआरसी कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्रों के 12 जिलों को सेवाएं प्रदान करता है, जिसका उद्देश्य पश्चिमी गुजरात में निवेश और औद्योगिक विकास को नई गति प्रदान करना है। राजकोट से मोदी अहमदाबाद के लिए रवाना होंगे। वह शाम करीब 5:15 बजे गांधीनगर के महात्मा मंदिर मेट्रो स्टेशन पर सेक्टर 10ए (सचिवालय) से महात्मा मंदिर तक अहमदाबाद मेट्रो के दूसरे चरण के शेष हिस्से का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री सोमवार की सुबह जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज से मुलाकात करेंगे। दोनों भारत के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान महात्मा गांधी के निवास स्थान साबरमती आश्रम पहुंचेंगे और साबरमती नदी तट पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव में भाग लेंगे। इसके बाद गांधीनगर के महात्मा मंदिर कन्वेंशन सेंटर में पूर्वाह्न 11:15 बजे से द्विपक्षीय बैठकें होंगी, जहां दोनों नेता भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी में हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे। इस साझेदीरी के हाल ही में 25 वर्ष पूरे हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि शाम को मोदी महात्मा मंदिर में दोनों देशों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता में शामिल होंगे, जिसके बाद एक संयुक्त बयान जारी किया जाएगा।
