मंत्री के बाद अब गोवा के एक और बीजेपी विधायक ने चुनाव से ठीक पहले छोड़ी पार्टी

punjabkesari.in Monday, Jan 10, 2022 - 06:54 PM (IST)

नेशनल डेस्कः विधानसभा चुनाव से पहले गोवा में भाजपा विधायकों और नेताओं का पार्टी छोड़ने का सिलसिला जारी है। गोवा के मंत्री माइकल लोबो के बाद अब राज्‍य से एक और विधायक ने पार्टी छोड़ दी है। मंत्री एवं बीजेपी विधायक माइकल लोबो के बाद एक अन्य विधायक प्रवीण जान्त्ये ने सोमवार को पार्टी और विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। राज्य में अगले माह विधानसभा चुनाव होने हैं।

हालांकि बीजपी की गोवा इकाई ने कहा है कि ऐसे कदमों से 14 फरवरी को होने वाले राज्य विधानसभा चुनाव में पार्टी की संभावनाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि ‘कुछ दलबदलू' सुशासन के एजेंडे को प्रभावित नहीं कर सकते। उन्होंने विश्वास जताया कि गोवा की जनता एक बार फिर उनकी पार्टी के लिए मतदान कर उसे एक और कार्यकाल के लिए सत्ता में लाएगी।

कलंगुट विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे और राज्य बंदरगाह तथा अपशिष्ट प्रबंधन विभागों का प्रभार संभाल रहे लोबो ने सोमवार सुबह अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) एवं गोवा विधानसभा के अध्यक्ष को भेज दिया.सूत्रों के अनुसार, वह कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने बाद में संवाददाताओं से कहा, “मैंने दोनों पद से इस्तीफा दे दिया है। मैं देखूंगा कि आगे मुझे क्या कदम उठाने हैं। मैंने भाजपा से भी इस्तीफा दे दिया है।”

कांग्रेस में शामिल होने की संभावनाओं के बारे में पूछे जाने पर लोबो ने कहा कि उनकी अन्य राजनीतिक दलों से बातचीत चल रही है। उन्होंने दावा किया कि लोग इस तटीय राज्य में भाजपा के शासन से नाखुश हैं। उन्होंने कहा, “मतदाताओं ने मुझसे कहा कि भाजपा अब आम लोगों की पार्टी नहीं रही।” लोबो ने यह भी दावा किया कि जमीनी स्तर के कार्यकर्ता महसूस कर रहे हैं कि पार्टी उनकी अनदेखी कर रही है।

लोबो के इस्‍तीफे के कुछ ही घंटे बाद माइम से विधायक जान्त्ये ने भी बीजेपी और राज्य विधानसभा से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि वह पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के कहने पर भाजपा में शामिल हुए थे और पर्रिकर के निधन के बाद उन्हें पार्टी में दरकिनार कर दिया गया था। उन्होंने यह दावा भी किया कि उनके विधानसभा क्षेत्र में बेरोजगारी की समस्या है और राज्य सरकार ने उस ओर ध्यान नहीं दिया।

इस बीच मुख्यमंत्री सावंत ने ट्वीट किया, ‘‘भारतीय जनता पार्टी एक बड़ा परिवार है जो पूरे समर्पण के साथ लगातार मातृभूमि की सेवा कर रहा है। लोभ और निजी स्वार्थ के एजेंडा को पूरा करने के लिए कुछ लोगों का छोड़कर जाना हमें सुशासन के एजेंडे से नहीं डिगा सकता।'' उन्होंने एक अन्य ट्वीट में लिखा, ‘‘गोवा के लोगों ने भाजपा के शासन और विकास के मॉडल को एक दशक से देखा है और मुझे विश्वास है कि वे हमें एक बार और अपनी सेवा का अवसर देंगे। जय हिंद, जय गोवा।''

गोवा भाजपा के अध्यक्ष सदानंद शेट तनावड़े ने कहा कि लोबो के पार्टी छोड़ने के फैसले से आगामी चुनाव में पार्टी की संभावनाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि लोबो तो काफी पहले पार्टी का साथ छोड़ चुके थे और ‘केवल भौतिक रूप से हमारे साथ थे।' भाजपा नेता ने कहा कि लोबो ने पार्टी छोड़ी है लेकिन कलंगुट विधानसभा क्षेत्र के अन्य कार्यकर्ता पार्टी के साथ हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा आगामी चुनाव में इस विधानसभा सीट पर जीत सुनिश्चित करने के लिए किसी नये चेहरे को उतारेगी।

गोवा में इस बार मुकाबला प्रमुख रूप से भाजपा, कांग्रेस, गोवा फॉरवर्ड पार्टी (जीएफपी), महाराष्ट्रवादी गोमंतक पार्टी (एमजीपी), आम आदमी पार्टी (आप), तृणमूल कांग्रेस पार्टी (टीएमसी) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के बीच है। पिछले विधानसभा चुनाव में गोवा में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, लेकिन पूर्ण बहुमत से दूर रह गयी और सरकार बनाने में विफल रही। तब भाजपा ने कुछ क्षेत्रीय दलों और निर्दलियों के साथ साझेदारी से सरकार बनाई थी। इस समय राज्य में कांग्रेस के केवल दो विधायक हैं।


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Yaspal

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