DRI का मुंबई पोर्ट पर बड़ा ऑपरेशन, चीन से आए 11 हजार के प्रतिबंधित वॉकी-टॉकी जब्त; 2 गिरफ्तार
punjabkesari.in Saturday, Mar 21, 2026 - 10:46 PM (IST)
नेशनल डेस्कः राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) मुंबई ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए चीन से अवैध रूप से आयात किए गए प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक सामान की विशाल खेप को जब्त कर लिया है। इस ऑपरेशन में 9.25 करोड़ रुपए के प्रतिबंधित सामान के साथ-साथ करीब 21 करोड़ रुपए के कवर कार्गो को भी पकड़ा गया है। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
11 हजार से ज्यादा बैन वॉकी-टॉकी बरामद
डीआरआई अधिकारियों ने कुल 11,060 वॉकी-टॉकी सेट जब्त किए हैं, जिनकी कीमत लगभग 2.5 करोड़ रुपए आंकी गई है। ये उपकरण भारत सरकार द्वारा प्रतिबंधित और ब्लैकलिस्टेड हैं। जांच में सामने आया कि ये वॉकी-टॉकी 400–480 मेगाहर्टज की फ्रीक्वेंसी रेंज पर काम करते हैं, जो निर्धारित सीमा से कहीं अधिक है। नियमों के अनुसार, बिना लाइसेंस केवल 446.0-446.2 मेगाहर्टज बैंड में ही संचालन की अनुमति है। ऐसे में ये उपकरण राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं, क्योंकि इनके जरिए अनधिकृत संचार संभव है।
ई-वेस्ट के नाम पर हार्ड डिस्क का खेल
कार्रवाई के दौरान 52,480 सेकेंड हैंड हार्ड डिस्क ड्राइव (HDD) भी जब्त की गईं, जिनकी कीमत करीब 7 करोड़ रुपए बताई गई है। ये ई-वेस्ट की श्रेणी में आती हैं और इनका आयात पूरी तरह प्रतिबंधित है। इन सामानों के आयात के लिए Directorate General of Foreign Trade (DGFT) से विशेष अनुमति जरूरी होती है, जो इस मामले में नहीं ली गई थी।
‘मिसडिक्लेरेशन’ से किया गया आयात
डीआरआई की जांच में खुलासा हुआ कि इस पूरी खेप को ‘मिसडिक्लेरेशन’ के जरिए मंगाया गया था। कुल 8 कंटेनरों में इन सामानों को ‘मिश्रित इलेक्ट्रॉनिक सामान’ बताकर आयात किया गया, जबकि असली कीमत करीब 30 करोड़ रुपए थी।
मुंबई की फर्मों से चल रहा था रैकेट
जांच में यह भी सामने आया कि मुंबई के लैमिंगटन रोड स्थित दो फर्मों के जरिए यह अवैध कारोबार संचालित हो रहा था। इन फर्मों को बेटे के नाम पर चलाया जा रहा था, जबकि पूरे नेटवर्क को पिता नियंत्रित कर रहा था। डीआरआई ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की गहराई से जांच जारी है।
सुरक्षा और पर्यावरण दोनों पर खतरा
अधिकारियों के अनुसार, प्रतिबंधित वॉकी-टॉकी का इस्तेमाल राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। वहीं, ई-वेस्ट के रूप में हार्ड डिस्क का अवैध आयात पर्यावरण और डेटा सुरक्षा के लिहाज से भी गंभीर चिंता का विषय है। डीआरआई ने साफ किया है कि इस तरह की कार्रवाई से एजेंसी यह सुनिश्चित कर रही है कि देश की आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े खतरों के खिलाफ सख्ती से निपटा जाए।
