CBSE के 2 बड़े फैसले.... छात्रों और अभिभावकों की बढ़ाई चिंता, जानें क्या है पूरा मामला

punjabkesari.in Saturday, May 30, 2026 - 05:41 PM (IST)

नेशनल डेस्क : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के 2 फैसलों से छात्रों और अभिभावकों के लिए चर्चा का विषय बने हुए है। सीबीएसई द्वारा 12वीं कक्षा की परिक्षाओं की जांच के लिए शुरू की गई ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ 9वीं और 10वीं कक्षा के लिए शुरू की गई थ्री-लेंग्वेंज फार्मूले को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। OSM पर कई लोगों का दावा है कि कुछ आंसर शीट्स धुंधली थीं या उनमें पूरी सामग्री दिखाई नहीं दे रही थी। बोर्ड ने यह स्वीकार किया है कि कुछ आंसर शीट्स की स्कैनिंग में समस्या आई थी।

OSM मूल्यांकन प्रणाली पर उठे सवाल

सीबीएसई ने इस साल पहली बार 12वीं बोर्ड परीक्षा की आंसर शीट्स का मूल्यांकन OSM प्रणाली के जरिए कराया। बोर्ड का उद्देश्य मूल्यांकन प्रकिया को डिजिटल बनाना था, जबकि छात्रों ने  अपनी आंसर शीट्स में गड़बड़ियों की शिकायत की। कुछ छात्रों का कहना है कि उन्हें अपेक्षा से कम नंबर दिए गए, जबकि कई ने आरोप लगाया कि उपलब्ध कराई गई कॉपियों में कुछ पन्ने दिखाई नहीं दे रहे थे। सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर काफी प्रतिक्रिया देखने को मिली।

9वीं और 10वीं में लागू होगा नया भाषा नियम

CBSE ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से 9वीं और 10वीं कक्षा के लिए नया थ्री-लैंग्वेज फॉर्मूला लागू करने का फैसला किया है। इसके तहत छात्रों को तीन भाषाएं पढ़नी होंगी, जिनमें कम से कम दो भारतीय भाषाएं होना जरूरी होगा। अगर कोई छात्र फ्रेंच, जर्मन या किसी अन्य विदेशी भाषा को चुनना चाहता है, तो उसे पहले दो भारतीय भाषाएं पढ़नी होंगी। विदेशी भाषा को चौथी भाषा के रूप में चुनने का विकल्प भी दिया जाएगा। यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF) की सिफारिशों के आधार पर किया जा रहा है।


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News Editor

Parveen Kumar

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