खामेनेई ने धर्म के नाम पर अत्याचार किए… ईरान में जन्मी अभिनेत्री एल्नाज नोरौजी का बड़ा बयान
punjabkesari.in Thursday, Mar 05, 2026 - 06:27 AM (IST)
नेशनल डेस्कः अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद पूरे मिडिल ईस्ट में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। इस घटनाक्रम के बाद दुनिया भर में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। भारत में भी कई शिया मुसलमानों ने खामेनेई के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए विरोध प्रदर्शन किए हैं।
इसी बीच ईरान में जन्मी अभिनेत्री एल्नाज नोरौजी ने सार्वजनिक रूप से खामेनेई के शासन की आलोचना की है। उन्होंने न सिर्फ उनके शासन के खिलाफ आवाज उठाई, बल्कि उनके निधन की खबर का स्वागत भी किया है। अभिनेत्री के इस बयान के बाद यह मुद्दा सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में चर्चा का विषय बन गया है।
‘लोगों को सच्चाई नहीं पता’
एल्नाज नोरौजी ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि खामेनेई की मौत पर हो रहे शोक और विरोध प्रदर्शनों को देखकर उन्हें दुख होता है, क्योंकि कई लोगों को असल सच्चाई की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि जो लोग ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत पर दुख जताकर प्रदर्शन कर रहे हैं, वे शायद यह नहीं जानते कि उनके शासन के दौरान क्या-क्या हुआ। उनके अनुसार, बहुत से लोग केवल उन्हें एक धार्मिक नेता के रूप में देखते हैं और बिना पूरी जानकारी के उनका समर्थन करते हैं।
#WATCH | Mumbai: On Iran-Israel Conflict, Iranian Actress, Elnaaz Norouzi says, "... Everybody is upset about the war, and everybody is scared about what's going to happen next. It's a very uncertain situation. But what I can say is that the majority of people of Iran are… pic.twitter.com/cUaz2MqlQK
— ANI (@ANI) March 4, 2026
‘धर्म के नाम पर किए गए अत्याचार’
अभिनेत्री ने कहा, “यह बहुत दुखद है, लेकिन मुझे लगता है कि ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि कई लोगों के पास पूरी जानकारी नहीं है। उन्हें नहीं पता कि इस व्यक्ति ने धर्म के नाम पर कितने अत्याचार किए हैं और कितने लोगों की जान गई है। लोग बस इतना जानते हैं कि वह एक धार्मिक नेता था और उन्होंने आंख बंद करके उसका अनुसरण किया।”
एल्नाज ने यह भी कहा कि ईरान के अंदर रहने वाले बहुत से लोग अब बदलाव चाहते हैं और मौजूदा हालात से परेशान हैं।
‘ईरान के लोग बदलाव की उम्मीद देख रहे हैं’
उन्होंने कहा कि चल रहे युद्ध और तनाव के बीच स्थिति बेहद अनिश्चित है। लोग डरे हुए हैं और उन्हें समझ नहीं आ रहा कि आगे क्या होगा। एल्नाज नोरौजी के मुताबिक, ईरान के बहुत से नागरिकों को अब उस बदलाव की उम्मीद दिखाई दे रही है जिसका वे पिछले करीब 47 साल से इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को फिलहाल घरों में रहने और सुरक्षित रहने के लिए कहा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि कई ईरानी नागरिकों का मानना है कि अमेरिका और इजराइल आम लोगों को निशाना नहीं बना रहे हैं, बल्कि विशेष रूप से Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) और उसके नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है। अभिनेत्री ने बताया कि उन्होंने हाल ही में अपने परिवार से बात की है और वे फिलहाल सुरक्षित हैं।
‘पुलिस से सामना बेहद डरावना था’
ईरान में पुलिस व्यवस्था को लेकर भी एल्नाज नोरौजी ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि वहां लोगों को कई बार सरकार और अधिकारियों के निर्देशों के अनुसार ही जीने के लिए मजबूर किया जाता है।
उन्होंने कहा कि एक बार उनका पुलिस से सामना बहुत डरावना रहा। वह जर्मनी वापस जाने से पहले खरीदारी करने निकली थीं और उनके साथ उनकी चचेरी बहन भी थी। तभी उन्हें सड़क पर रोक लिया गया और एक वैन में बैठाकर अज्ञात स्थान पर ले जाया गया। उस दौरान उनका फोन भी ले लिया गया था।
ईरान में जन्म, जर्मनी में पढ़ाई
Elnaz Norouzi का जन्म 1992 में ईरान में हुआ था। बाद में उनका परिवार जर्मनी चला गया। उन्होंने अपनी पढ़ाई जर्मनी में पूरी की और वहीं से मॉडलिंग करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने भारत में भी अभिनय की दुनिया में काम किया। वे Sacred Games जैसी लोकप्रिय वेब सीरीज में नजर आ चुकी हैं, जिसमें उन्होंने जोया मिर्जा का किरदार निभाया था। यह सीरीज Netflix पर रिलीज हुई थी और दुनिया भर में काफी लोकप्रिय हुई।
हमले के बाद बढ़ा पश्चिम एशिया में तनाव
दरअसल अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei और चार वरिष्ठ सैन्य व सुरक्षा अधिकारियों की मौत हो गई। पिछले सप्ताह Tehran और अन्य प्रमुख शहरों में कई बड़े विस्फोटों की खबरें सामने आईं। इसके जवाब में ईरान ने इजराइल और कई अरब देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और सहयोगियों पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमले किए।
इन हमलों में इजराइल के अलावा बहरीन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन जैसे देशों में भी तनाव बढ़ गया।
