खामेनेई और कई राजनीतिक हस्तियों की मौत के बाद अब कौन चलाएगा ईरान, बची हुई ताकतें कौन-कौन?

punjabkesari.in Sunday, Mar 01, 2026 - 05:01 PM (IST)

इंटरनेशनल डेस्क : अमेरिका और इजरायल द्वारा किए जा रहे लगातार एयर स्ट्राइक और ड्रोन हमलों के बाद ईरान में हालात बेहद गंभीर बताए जा रहे हैं। राजधानी तेहरान में इजरायली रक्षा बलों (IDF) की बड़े स्तर की सैन्य कार्रवाई के चलते देश के कई अहम ठिकानों को नुकसान पहुंचा है। इन घटनाओं के बाद ईरान के राजनीतिक और सैन्य ढांचे को बड़ा झटका लगा है और अब यह सवाल उठ रहा है कि आगे देश की कमान किसके हाथ में होगी।

रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि संयुक्त हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि स्पष्ट नहीं है। हमलों के बाद तेहरान के कई हिस्सों से धुएं के गुबार, क्षतिग्रस्त इमारतों और दहशत में सड़कों पर भागते लोगों की तस्वीरें सामने आई हैं।

खामेनेई के अलावा और कौन-कौन मारा गया

करीब 30 घंटे से चल रहे अमेरिका और इजरायल के लगातार हवाई हमलों में ईरान के शीर्ष नेतृत्व को भारी नुकसान पहुंचने का दावा किया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामेनेई और उनके परिवार के कुछ सदस्य, रक्षा मंत्री अमीर नसीरजादेह, सशस्त्र बलों के प्रमुख मेजर जनरल अब्दुलरहीम मोसावी, आईआरजीसी प्रमुख मोहम्मद पाकपुर, वरिष्ठ सुरक्षा सलाहकार अली शमखानी, सैन्य खुफिया प्रमुख सालाह असदी और सुप्रीम लीडर के सैन्य ब्यूरो प्रमुख मोहम्मद शिराजी मारे गए बताए जा रहे हैं।

इसके अलावा लगभग 40 सैन्य कमांडरों और कई राजनीतिक हस्तियों के भी हमलों में मारे जाने की खबर है। ईरानी समाचार एजेंसी के हवाले से पुलिस इंटेलिजेंस सेंटर के प्रमुख ब्रिगेडियर जनरल गुलाम रज़ा रज़ाइयान की मौत की भी सूचना दी गई है।

अब ईरान का नेतृत्व किसके हाथ में?

इन घटनाओं के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि ईरान का नेतृत्व अब किसके हाथ में होगा, खासकर अमेरिका और इजरायल के खिलाफ जारी संघर्ष के बीच। ताजा जानकारी के अनुसार, अस्थायी तौर पर अलीरेजा अराफी को देश की कमान संभालने की जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें नेतृत्व परिषद का न्यायिक सदस्य बनाया गया है और सुप्रीम लीडर के दायित्वों को अस्थायी रूप से निभाने का काम सौंपा गया है।

सरकार ने प्रशासन जारी रखने के दिए निर्देश

ईरान के उपराष्ट्रपति ने मंत्रियों और प्रांतों के गवर्नरों को निर्देश दिए हैं कि युद्ध जैसी स्थिति के बावजूद प्रशासनिक कामकाज बिना रुकावट जारी रखा जाए। सरकारी मीडिया के अनुसार, देश में जरूरी सेवाएं चालू रखने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। वहीं ईरान के राष्ट्रपति ने बयान जारी कर कहा है कि देश अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा को अपना अधिकार मानता है और जरूरत पड़ने पर जवाबी कार्रवाई करेगा।

मिसाइल हमलों का दावा

ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दावा किया है कि ईरान ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ मिसाइल हमले किए हैं। उनका कहना है कि भविष्य में और कड़े जवाब की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

IDF का दावा

इजरायली रक्षा बलों ने दावा किया है कि उन्होंने एक संयुक्त और अचानक किए गए अभियान में ईरानी नेतृत्व के आपातकालीन ठिकानों को निशाना बनाया। IDF के अनुसार, इस अभियान में सैकड़ों लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया गया। इजरायल का कहना है कि यह कार्रवाई उसकी सुरक्षा से जुड़े खतरों को खत्म करने के उद्देश्य से की गई।

क्षेत्र में बढ़ता तनाव

इन घटनाओं के बाद पूरे मध्य पूर्व में तनाव बढ़ गया है। कई देशों ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस संघर्ष को लेकर चिंता जताई जा रही है। फिलहाल हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं और आने वाले दिनों में स्थिति किस दिशा में जाएगी, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।


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Content Editor

Mehak

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