सैलानियों के स्वागत के लिए कश्मीर तैयार, पटरी पर लौट रहा पर्यटन उद्योग

2020-11-24T14:23:29.387

नेशनल डेस्क: उत्तर भारत में सर्दी के आगाज के साथ ही जम्मू-कश्मीर के पर्यटन उद्योग में हालत सुधरने की उम्मीद जग गई है। घाटी की बर्फ से ढकी वादियां पर्यटकों को लुभा रही हैं, ऐसे में देश-विदेश से सैलानी वहां पहुंचना शुरू हो गए हैं। सैलानियों की तादाद बढ़ने से पर्यटन उद्योग फिर से पटरी पर लौट रहा है।

 

पिछले साल घाटी में 43,000 पर्यटक आए
केंद्र शासित प्रदेश के पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पिछले साल अगस्त से दिसंबर के बीच घाटी में करीब 43,000 पर्यटक आए। चालू वर्ष में सितंबर तक यह संख्या 19,000 है और इसमें भी अधिकतर पर्यटक मार्च से पहले आए। पर्यटन उद्योग के सूत्रों के मुताबिक जुलाई में सरकार के जम्मू-कश्मीर को पर्यटन क्षेत्र के लिए खोले जाने के बाद इसमें धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। 

 

बुकिंग में हो रही बढ़ोतरी
अधिकारियों ने कहा कि कई पर्यटकों ने गुलमर्ग, सोनमर्ग और पहलगाम की यात्रा की है। यह पर्यटकों के बीच घाटी में सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली तीन प्रमुख जगह हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ हफ्तों में इन जगहों के लिए यात्रियों की ओर से पूछताछ बढ़ी है। विशेषकर सर्दियों के मौसम के लिए बुकिंग में बढ़ोतरी हुई है। यह घाटी में पर्यटकों के आकर्षण में धीमी लेकिन स्थिर वृद्धि को दर्शाता है। 

 

सर्दियों के मौसम में हालात होंगे बेहतर 
ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ कश्मीर के अध्यक्ष फारूक अहमद कुठू ने जम्मू-कश्मीर में आने वाले दिनों में पर्यटन की स्थिति में सुधार आने की उम्मीद जतायी। उन्होंने कहा कि कुछ गतिविधियों सकारात्मक रुख दिखा रही हैं और पर्यटन विभाग ने भी कुछ कामकाज शुरू किया है। ऐसे में पर्यटकों ने कश्मीर की यात्रा करना शुरू किया है। हमें उम्मीद है कि सर्दियों के मौसम में हालात थोड़े बेहतर होंगे। उन्होंने कहा कि पर्यटन के लिए पूछताछ और बुकिंग में बढ़ोतरी दर्ज की गयी है।


vasudha

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