''बहुत जल्दी आने वाला है नया धर्म...'', भारत के सबसे बड़े इमाम ने की बड़ी भविष्यवाणी

punjabkesari.in Friday, Apr 04, 2025 - 01:48 PM (IST)

नेशनल डेस्क: भारत के प्रसिद्ध इमाम डॉ. उमैर इलियासी का कहना है कि जल्द ही एक नया धर्म अस्तित्व में आने वाला है। यह धर्म मुस्लिम, ईसाई और यहूदी समुदायों को जोड़ेगा। उन्होंने बताया कि अबू धाबी में इस नए धर्म के लिए एक केंद्र भी स्थापित किया जा चुका है, जिसका नाम 'इब्राहिमिक फेथ सेंटर' है। यह सेंटर इन तीनों धर्मों के अनुयायियों को एकजुट करने के लिए बनाया गया है। डॉ. उमैर इलियासी के अनुसार, मुस्लिम, ईसाई और यहूदी एक ही मूल से आते हैं। तीनों धर्मों के पूर्वज एक ही हैं, लेकिन फिर भी इनमें लगातार संघर्ष और मतभेद देखने को मिलते हैं। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष को समाप्त करने के लिए एक नए धर्म की जरूरत महसूस की गई। इसीलिए 'इब्राहिमिक फेथ' नामक नया धर्म आने वाला है।

क्या है 'इब्राहिमिक फेथ सेंटर'?

संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी में 'इब्राहिमिक फेथ सेंटर' नामक एक संस्थान बनाया गया है, जहां तीनों धर्मों के अनुयायियों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है। इस केंद्र का उद्देश्य धार्मिक मतभेदों को खत्म कर भाईचारे और शांति को बढ़ावा देना है।

क्या यह धर्म सभी को अपनाना होगा?

इस विषय पर इमाम उमैर इलियासी ने स्पष्ट किया कि यह धर्म किसी पर थोपा नहीं जाएगा, बल्कि यह उन लोगों के लिए होगा जो तीनों धर्मों के बीच शांति और एकता चाहते हैं। उनका मानना है कि जब लोग समझेंगे कि उनकी धार्मिक जड़ें एक ही हैं, तो वे खुद इस बदलाव को अपनाने की ओर अग्रसर होंगे।

कैसे होगा यह बदलाव?

डॉ. इलियासी ने कहा कि यह बदलाव अचानक नहीं आएगा, बल्कि धीरे-धीरे इस विचार को पूरी दुनिया में फैलाया जाएगा। विभिन्न धार्मिक विद्वानों और नेताओं के माध्यम से इस नए विचार को आगे बढ़ाया जाएगा। 'इब्राहिमिक फेथ सेंटर' एक मॉडल के रूप में काम करेगा, जिससे लोगों को यह समझने में आसानी होगी कि यह विचार क्या है और इसे क्यों अपनाना चाहिए।

क्या हैं इस धर्म की विशेषताएँ?

  • तीनों धर्मों की समानता: इस्लाम, ईसाई और यहूदी धर्म की कई मान्यताएँ समान हैं।

  • शांति और भाईचारा: यह धर्म किसी के खिलाफ नहीं बल्कि एकता के पक्ष में होगा।

  • कोई नया देवता नहीं: यह धर्म मौजूदा धार्मिक मान्यताओं का ही एक विकसित रूप होगा।

  • साझा पूजा स्थल: इसमें एक ही जगह पर सभी धर्मों के लोग इबादत कर सकेंगे।

क्या कहती है दुनिया?

दुनिया भर में इस नए विचार पर बहस छिड़ गई है। कुछ लोग इसे एक सकारात्मक कदम मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे धर्म के प्रति एक नई चुनौती के रूप में देख रहे हैं। अब देखना होगा कि आने वाले समय में यह नया धर्म कितना प्रभावी साबित होता है।


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Content Editor

Ashutosh Chaubey

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