Passport Fee Hike Reason: पासपोर्ट के लिए क्यों देने पड़ते हैं 2500 रुपये? जानिए पूरा हिसाब
punjabkesari.in Tuesday, Aug 04, 2026 - 01:45 PM (IST)
नई दिल्ली : आमतौर पर आधार कार्ड या वोटर आईडी कार्ड जैसे सरकारी दस्तावेज बनवाने के लिए कोई बड़ी फीस नहीं देनी पड़ती लेकिन पासपोर्ट बनवाने के लिए अच्छी-खासी रकम चुकानी होती है। हाल ही में सरकार ने पासपोर्ट बनाने की फीस बढ़ाकर 2500 रुपये कर दी है। ऐसे में यह जानना आपके लिए जरूरी है कि आखिरकार पासपोर्ट इतना महंगा क्यों होता है और सरकार इस फीस का इस्तेमाल कहां करती है? संसद में पूछे गए एक सवाल के जवाब में केंद्र सरकार ने पासपोर्ट की फीस में हुई बढ़ोतरी का पूरा कारण और इसके खर्चों का ब्योरा पेश किया है।
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संसद में सरकार ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट फीस में यह बदलाव जून 2026 में सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने और बढ़ती लागत को कवर करने के लिए किया गया है। इससे पहले साल 1971, 1980, 1993, 2002 और 2012 में फीस में संशोधन किया गया था। सरकार के अनुसार एक पासपोर्ट तैयार करने और आवेदक तक पहुंचाने में निम्नलिखित मदों पर बड़ा खर्च आता है।
- इंडिया सिक्योरिटी प्रेस (ISP) द्वारा चिप-आधारित ई-पासपोर्ट तैयार करने की लागत में भारी इजाफा हुआ है।

- पासपोर्ट में आवेदक का डेटा सुरक्षा मानकों के साथ प्रिंट करने का खर्च।
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- पासपोर्ट सेवा केंद्रों के संचालन, आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर और सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों को किया जाने वाला भुगतान।
- पुलिस विभाग को वेरिफिकेशन प्रक्रिया के बदले दिया जाने वाला शुल्क।

- डाक और कूरियर सेवाएं: डाक विभाग और कूरियर कंपनियों को डिलीवरी चार्ज का भुगतान।
- पासपोर्ट कार्यालयों के मेंटेनेंस और तकनीकी रखरखाव से जुड़े संस्थागत खर्च।
अब आपको बता दें कि हर तरह के अलग पासपोर्ट के लिए कितनी फीस देनी होगी? फीस में संशोधन के बाद अब नए रेट इस प्रकार हैं:

पासपोर्ट की श्रेणी, पहले की फीस, अब नई फीस
सामान्य पासपोर्ट (36 पेज), "₹1,500", "₹2,500"
सामान्य पासपोर्ट (60 पेज), -, "₹3,500"
तत्काल पासपोर्ट, "₹3,500", "₹5,000"
नाबालिग (Minor) पासपोर्ट, "₹1,000", "₹1,750"
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वहीं सरकार का कहना है कि आधुनिक चिप-बेस्ड सुरक्षा तकनीक और बेहतर सेवाओं के कारण लागत में वृद्धि हुई है जिसके चलते फीस का नया ढांचा लागू करना पड़ा है।
