पेपर लीक रोकने को NTA का 7.5 करोड़ का मास्टरप्लान: जानिए मिंटो रोड से स्ट्रॉन्ग रूम तक क्या-क्या बदलेगा
punjabkesari.in Sunday, Aug 02, 2026 - 03:44 PM (IST)
New Delhi: नीट-यूजी (NEET-UG) विवाद और पेपर लीक के हालिया घटनाक्रम के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने अपनी साख बचाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। एजेंसी अब अपने पूरे सिस्टम को पूरी तरह सुरक्षित करने जा रही है, ताकि सीक्रेट डेटा लीक या धांधली की गुंजाइश खत्म हो सके। इसी कड़ी में NTA ने दिल्ली के मिंटो रोड स्थित मुख्यालय, ओखला के क्षेत्रीय कार्यालयों और स्ट्रॉन्ग रूम के लिए 7.5 करोड़ रुपए का सिक्योरिटी टेंडर जारी किया है।
मिली जानकारी के मुताबिक, यह टेंडर सिर्फ ऑफिस की सामान्य रखवाली के लिए नहीं है। इसका मुख्य उद्देश्य देशभर की परीक्षाओं से जुड़ी गोपनीय सामग्री, डेटाबेस, सर्वर रूम और स्ट्रॉन्ग रूम को 24 घंटे पुख्ता सुरक्षा देना है। शुरुआती चरण में यह कॉन्ट्रैक्ट दो साल के लिए होगा, जिसे बेहतर प्रदर्शन के आधार पर आगे दो साल तक बढ़ाया जा सकेगा।
अक्सर सरकारी टेंडरों में सबसे कम बोली (L1) लगाने वाली कंपनी को काम मिल जाता है, लेकिन इस बार NTA ने क्वालिटी-एंड-कॉस्ट बेस्ड सेलेक्शन (QCBS) मॉडल चुना है।
- 70% वेटेज: कंपनी की तकनीकी क्षमता और अनुभव को दिया जाएगा।
- 30% वेटेज: पैसों यानी फाइनेंशियल बिड का होगा।
शर्तों के मुताबिक, केवल वही एजेंसियां आवेदन कर सकती हैं जिनके पास 5 साल का अनुभव और पिछले 3 सालों में कम से कम 10 करोड़ रुपए का औसत टर्नओवर हो।
सुरक्षा में तैनात कर्मचारी सिर्फ गेट पर नहीं खड़े रहेंगे। एजेंसी को GPS गश्त, बायोमेट्रिक अटेंडेंस और रियल-टाइम रिपोर्टिंग सिस्टम का इस्तेमाल करना होगा। साथ ही डोर-फ्रेम और हैंड-हेल्ड मेटल डिटेक्टर से हर व्यक्ति की जांच होगी। CBI की जांच और चौतरफा घिरने के बाद NTA का यह कदम अभ्यर्थियों का भरोसा जीतने की दिशा में एक बड़ी कोशिश मानी जा रही है।
