Gold Price Crash: सोने की कीमतों में लगातार गिरावट, अभी और सस्ता हो सकता है, एक्सपर्ट्स ने बताए नए दाम
punjabkesari.in Sunday, Mar 22, 2026 - 07:15 PM (IST)
नेशनल डेस्कः सोने की कीमतों में हाल ही में गिरावट देखने को मिली है और विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह और नीचे जाकर 10 ग्राम के लिए 1.27 लाख रुपये तक जा सकती है। मिडिल ईस्ट में तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और अमेरिकी डॉलर की मजबूती सोने पर दबाव डाल रहे हैं। निवेशक सावधानी बरतें, क्योंकि बढ़ती मुद्रास्फीति और ब्याज दरों की आशंकाओं से कीमतों में और गिरावट संभव है।
सोने की कीमतों में और गिरावट
पिछले कुछ दिनों में सोने की कीमतों में नरमी देखने को मिली है, जिससे निवेशकों के बीच नई चर्चा शुरू हो गई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में सोने की कीमतों में और गिरावट आ सकती है। अनुमान है कि 10 ग्राम सोना करीब 1.27 लाख रुपये तक पहुंच सकता है, जबकि वर्तमान में इसकी कीमत लगभग 1,51,910 रुपये के आसपास बनी हुई है। इस हिसाब से कीमतों में करीब 25 हजार रुपये तक की और कमी संभव मानी जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक परिस्थितियों का असर सोने की कीमतों पर साफ दिखाई दे रहा है। खासतौर पर मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और अमेरिकी डॉलर की मजबूती ने सोने पर दबाव बनाया है। शुरुआती दौर में भू-राजनीतिक तनाव के चलते सोना करीब 1.60 लाख रुपये तक पहुंच गया था, लेकिन बाद में इसमें गिरावट आई और यह एमसीएक्स पर लगभग 1,44,825 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ।
आर्थिक जानकारों का कहना है कि महंगाई बढ़ने की आशंका के चलते केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो निवेशक सोने की बजाय डॉलर आधारित निवेश को प्राथमिकता देंगे। इसका सीधा असर सोने की मांग और कीमत दोनों पर पड़ सकता है। डॉलर के मजबूत होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना अपेक्षाकृत सस्ता हो जाता है। इसके अलावा, जब सोने की कीमतें 1.50 लाख रुपये के ऊपर जाती हैं, तो कई निवेशक मुनाफा कमाने के लिए अपनी होल्डिंग बेच देते हैं। इससे बाजार में आपूर्ति बढ़ती है और कीमतों पर दबाव आता है। भारत और चीन जैसे बड़े उपभोक्ता देशों में भी ऊंचे दामों के कारण मांग में कमी देखी जाती है, जो कीमतों को और नीचे ला सकती है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल सोने का रुख कमजोर बना हुआ है। अनुमान है कि निकट भविष्य में इसकी कीमत 1.40 लाख से 1.47 लाख रुपये के बीच रह सकती है। हालांकि यदि दबाव बना रहा तो यह गिरकर 1.35 लाख और फिर 1.27 लाख रुपये तक भी पहुंच सकता है।
