Gold Silver: सोने-चांदी की कीमतों में फिर हो सकती है जबरदस्त बढोतरी, संसद में पेश की गई आर्थिक समीक्षा

punjabkesari.in Thursday, Jan 29, 2026 - 08:03 PM (IST)

नेशनल डेस्कः अगले वित्त वर्ष में मुद्रास्फीति नियंत्रित रहने की उम्मीद, लेकिन सोना-चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी जारी रह सकती है। संसद में पेश आर्थिक समीक्षा में यह संकेत दिया गया है कि मजबूत कृषि उत्पादन और नीतिगत सतर्कता से महंगाई लक्षित दायरे में बनी रहेगी।

संसद में गुरुवार को पेश की गई आर्थिक समीक्षा में अगले वित्त वर्ष में मुद्रास्फीति को लेकर चिंता कम रहने का संकेत दिया गया है। समीक्षा में कहा गया कि आपूर्ति पक्ष की अनुकूल परिस्थितियों, जीएसटी दरों के युक्तिसंगत समायोजन और मजबूत कृषि उत्पादन के चलते महंगाई नियंत्रित बनी रहने की संभावना है। हालांकि, वैश्विक अनिश्चितताओं और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग के कारण कीमती धातुओं—सोना और चांदी—की कीमतों में वृद्धि जारी रहने की संभावना है। समीक्षा में यह भी उल्लेख किया गया कि जब तक वैश्विक व्यापारिक तनाव और अस्थिर परिस्थितियां समाप्त नहीं होतीं, तब तक निवेशकों के लिए सोने और चांदी आकर्षक विकल्प बने रहेंगे।

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आर्थिक समीक्षा में कहा गया है कि भारत की मुद्रास्फीति दर वित्त वर्ष 2026-27 में वित्त वर्ष 2025-26 की तुलना में थोड़ी अधिक रह सकती है। इसके बावजूद महंगाई को गंभीर चिंता का विषय नहीं माना जा रहा है। आरबीआई और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के अनुमानों के अनुसार, अगले वित्त वर्ष में मुद्रास्फीति चार प्रतिशत के लक्षित दायरे (दो प्रतिशत की घट-बढ़ के साथ) में रहने की उम्मीद है।

आईएमएफ ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए मुद्रास्फीति दर 2.8 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2026-27 के लिए चार प्रतिशत का अनुमान लगाया है। वहीं, आरबीआई के अनुसार वित्त वर्ष 2026-27 की पहली और दूसरी तिमाही के लिए मुद्रास्फीति क्रमशः 3.9 और चार प्रतिशत रहने का अनुमान है। समीक्षा में यह भी कहा गया कि विनिमय दर में उतार-चढ़ाव, कच्चे धातुओं की कीमतों में बढ़ोतरी और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएं मुद्रास्फीति पर दबाव डाल सकती हैं। इसलिए नीतिगत सतर्कता और लगातार निगरानी आवश्यक रहेगी।


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Content Editor

Sahil Kumar

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