क्या अमेरिका के सामने टिक पाएगी वेनेजुएला की सेना? जानिए कितनी पावरफुल...

punjabkesari.in Saturday, Jan 03, 2026 - 07:12 PM (IST)

नेशनल डेस्क: 3 जनवरी 2026, शनिवार का दिन अचानक वैश्विक राजनीति में बेहद अहम बन गया। वजह बना अमेरिका की ओर से वेनेजुएला पर किया गया सैन्य हमला। इस कार्रवाई ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया, खासतौर पर तब, जब खबर आई कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनकी पत्नी के साथ गिरफ्तार कर लिया गया है। बताया गया कि यह ऑपरेशन अमेरिका की एलीट स्पेशल ऑपरेशंस यूनिट ‘डेल्टा फोर्स’ ने अंजाम दिया।

हालांकि, वेनेजुएला के रक्षा मंत्री ने सरेंडर से इनकार करते हुए आखिरी सांस तक लड़ने का ऐलान कर दिया है। ऐसे में सवाल उठना लाज़मी है- अगर यह तनाव खुली जंग में बदलता है, तो वेनेजुएला की सेना आखिर कितनी मजबूत है? और क्या वह अमेरिका जैसी सुपरपावर के सामने टिक पाएगी?

वेनेजुएला की सेना: संख्या है, ताकत सीमित

वेनेजुएला की सशस्त्र सेनाओं को नेशनल बोलिवेरियन आर्म्ड फोर्सेज (FANB) कहा जाता है। यह सेना मुख्य रूप से रक्षात्मक रणनीति पर काम करती है और देश की आंतरिक सुरक्षा व सरकार की स्थिरता बनाए रखने पर केंद्रित है।

वेनेजुएला के पास करीब 1.09 लाख सक्रिय सैनिक हैं, जबकि रिज़र्व फोर्स लगभग 8,000 के आसपास है। पैरामिलिट्री और मिलिशिया को जोड़ दिया जाए तो कुल संख्या करीब 2.2 लाख तक पहुंचती है। हालांकि, यह आंकड़े अलग-अलग स्रोतों में थोड़े भिन्न हो सकते हैं।

एयर पावर और जमीनी हकीकत

वेनेजुएला की वायुसेना में कुल मिलाकर लगभग 229 विमान हैं, लेकिन इनमें से ज्यादातर पुराने और सीमित क्षमता वाले हैं। रूसी Su-30MK2 जैसे कुछ फाइटर जेट जरूर हैं, लेकिन आधुनिक मिसाइल डिफेंस और एडवांस टेक्नोलॉजी के सामने ये कमजोर पड़ सकते हैं।

जमीनी सेना के पास करीब 8,800 बख्तरबंद वाहन और 170 से 200 टैंक हैं। समस्या यह है कि इनमें से अधिकतर पुराने मॉडल के हैं और आधुनिक युद्ध की जरूरतों पर खरे नहीं उतरते। नौसेना की स्थिति भी कुछ खास नहीं है- छोटी नौकाएं और तटरक्षक जहाज़ तो हैं, लेकिन बड़े युद्धपोत या विमानवाहक पोत नहीं।

सीमित बजट, सीमित तैयारी

वेनेजुएला का रक्षा बजट करीब 4 से 5 अरब डॉलर के आसपास माना जाता है। यह बजट न सिर्फ अमेरिका बल्कि कई क्षेत्रीय ताकतों के मुकाबले भी काफी कम है। आधुनिक हथियार, टेक्नोलॉजी और लॉजिस्टिक्स में निवेश की कमी सेना की सबसे बड़ी कमजोरी बनती है। कुल मिलाकर, वेनेजुएला की सेना घरेलू और सीमित क्षेत्रीय रक्षा के लिए तो ठीक है, लेकिन वैश्विक स्तर की जंग के लिए नहीं।

अब अमेरिका की ताकत समझिए

दूसरी ओर, वेनेजुएला के सामने खड़ा है अमेरिका- दुनिया की सबसे शक्तिशाली सैन्य ताकत। यूनाइटेड स्टेट्स मिलिट्री में 13 लाख से ज्यादा सक्रिय सैनिक हैं, जबकि रिज़र्व और नेशनल गार्ड मिलाकर यह संख्या करीब 8 लाख और बढ़ जाती है। यह वेनेजुएला की तुलना में कई गुना ज्यादा है।

हवा, समुद्र और अंतरिक्ष- हर जगह अमेरिका का दबदबा

अमेरिका की एयर पावर दुनिया में सबसे मजबूत मानी जाती है। उसके पास 13,000 से ज्यादा विमान हैं, जिनमें F-22 और F-35 जैसे अत्याधुनिक स्टेल्थ फाइटर जेट शामिल हैं। समुद्री ताकत की बात करें तो अमेरिकी नौसेना के पास करीब 440 युद्धपोत हैं, जिनमें 11 परमाणु विमानवाहक पोत, मिसाइल डेस्ट्रॉयर और एडवांस सबमरीन शामिल हैं।

इतना ही नहीं, अमेरिका के पास न्यूक्लियर हथियार, दुनिया भर में फैला सैन्य बेस नेटवर्क, स्पेस फोर्स और साइबर वॉर की जबरदस्त क्षमता भी है। यही वजह है कि उसे दुनिया की नंबर-1 मिलिट्री पावर कहा जाता है।

अगर जंग हुई तो नतीजा क्या होगा?

दोनों देशों की सैन्य तुलना साफ संकेत देती है कि अमेरिका लगभग हर मोर्चे पर वेनेजुएला से कहीं आगे है। आमने-सामने की लड़ाई में वेनेजुएला के लिए लंबे समय तक टिक पाना बेहद मुश्किल होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि वेनेजुएला के पास सीधी जंग के बजाय गोरिल्ला युद्ध, मिलिशिया और आंतरिक प्रतिरोध जैसी रणनीतियां ही बचती हैं। ये तरीके कुछ समय तक दबाव बना सकते हैं, लेकिन अत्याधुनिक हथियारों और तकनीक से लैस अमेरिका के सामने वेनेजुएला अंततः कमजोर ही साबित होगा।


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News Editor

Parveen Kumar

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