अमेरिकी सेना ने खामेनेई को मारने का वीडियो किया जारी ! शव बरामद, बताया कैसे बनाया निशाना
punjabkesari.in Sunday, Mar 01, 2026 - 02:36 PM (IST)
International Desk: ईरानी हमलों के बीच अमेरिकी सेना (U.S. Military) ने वीडियो और तस्वीरें जारी की हैं, जिनमें युद्धपोतों और लड़ाकू विमानों को मिसाइल दागते और ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) लक्षित हमले करते दिखाया गया है। वॉशिंगटन और तेल अवीव के मुताबिक, यह संयुक्त अभियान ईरान की शीर्ष नेतृत्व संरचना को निशाना बनाकर चलाया गया। एक वरिष्ठ इजरायली अधिकारी ने समाचार एजेंसी Reuters को बताया कि हमले के बाद खामेनेई का शव बरामद किया गया है।
🚨BREAKING
US Central Command has released unclassified video of the strikes on Iran this morning
They HAMMERED Iranian air defense assets
If you look closely at 9 second mark, the US appears to be using one-way drones! A first! pic.twitter.com/ABJmVVO9Rb
— Tablesalt 🇨🇦🇺🇸 (@Tablesalt13) February 28, 2026
इस हमले को “दशकों में ईरान पर सबसे महत्वाकांक्षी सैन्य कार्रवाई” बताया जा रहा है। ईरान की ओर से आधिकारिक पुष्टि/विस्तृत प्रतिक्रिया पर नजर बनी हुई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह अभियान अमेरिका और इजरायल की साझा योजना का हिस्सा था। समुद्री युद्धपोतों से क्रूज़ मिसाइलें दागी गईं और लड़ाकू विमानों ने कई सामरिक ठिकानों को निशाना बनाया। ईरानी सैन्य और नेतृत्व ढांचे को बड़ा नुकसान पहुंचाने का दावा किया गया है।
अमेरिका-इजराई व ईरान विवाद की वजह
अमेरिका-इजरायल-ईरान विवाद की जड़ ईरान का परमाणु कार्यक्रम, इजरायल का सुरक्षा खतरा, और अमेरिका-ईरान की दशकों पुरानी दुश्मनी है। प्रतिबंध, प्रॉक्सी युद्ध, हमास-हिज़्बुल्लाह समर्थन और क्षेत्रीय वर्चस्व की लड़ाई ने तनाव बढ़ाया। हालिया हमलों और जवाबी कार्रवाइयों ने इसे खुले टकराव की ओर धकेल दिया।
ईरान का परमाणु कार्यक्रम
ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण है, लेकिन इजरायल और अमेरिका को आशंका है कि तेहरान परमाणु हथियार बनाने की क्षमता विकसित कर सकता है। 2015 में हुआ परमाणु समझौता Joint Comprehensive Plan of Action (JCPOA) तनाव कम करने के लिए था, लेकिन 2018 में अमेरिका के बाहर निकलने के बाद हालात फिर बिगड़ गए।
इजरायल की सुरक्षा चिंता
- इजरायल का मानना है कि ईरान उसके अस्तित्व के लिए सीधा खतरा है।
- तेहरान पर आरोप है कि वह इजरायल विरोधी संगठनों जैसे:
- Hezbollah (लेबनान)
- Hamas (गाजा)
- को समर्थन देता है। इससे इजरायल की सीमाओं पर लगातार तनाव बना रहता है।
- 🇺🇸 3) अमेरिका-ईरान दुश्मनी की पृष्ठभूमि
- 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से अमेरिका और ईरान के संबंध बेहद खराब रहे हैं।
अमेरिकी प्रतिबंध
- ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड पर कार्रवाई
- खाड़ी क्षेत्र में सैन्य टकराव
- सीरिया, इराक, यमन और लेबनान जैसे देशों में दोनों पक्ष अलग-अलग गुटों का समर्थन करते रहे हैं।
- यह सीधी जंग नहीं, बल्कि “प्रॉक्सी वॉर” के रूप में लंबे समय से चल रहा संघर्ष है।
