US-Israel एयरस्ट्राइक में ईरानी सेना का कमांडर-इन-चीफ आमिर हतामी ढेर, ट्रंप बोले-अमेरिकी भी मारे जा सकते लेकिन...(Video)

punjabkesari.in Saturday, Feb 28, 2026 - 01:25 PM (IST)

International Desk: मिडल ईस्ट में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। इजरायल और अमेरिका ने ईरान के खिलाफ व्यापक संयुक्त सैन्य अभियान शुरू किया है। अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि यह “छोटा हमला नहीं” है और कार्रवाई अभी जारी है। ईरानी सेना के कमांडर-इन-चीफ आमिर हतामी के हवाई हमले में मारे जाने की खबर है।  ट्रंप ने ईरान एयरस्ट्राइक पर बयान जारी किया और कहा कि  "अमेरिकी मारे जा सकते हैं और हमारे लोग भी हताहत हो सकते हैं" "लेकिन हम क्रूर ईरानी शासन से खतरे को खत्म कर देंगे।" 

 

एक इजरायली अधिकारी के अनुसार “पूरा ईरानी शासन लक्ष्य था, जिसमें सर्वोच्च नेता Ali Khamenei भी शामिल हैं… ईरान दिन के समय हुए इस हमले से हैरान था।” दिनदहाड़े किए गए हमले ने रणनीतिक चौंकाने की नीति को दर्शाया है। आमतौर पर इस तरह की कार्रवाई रात में होती है, लेकिन इस बार दिन में हमला किया गया, जिससे ईरान की वायु रक्षा प्रणाली को प्रतिक्रिया का सीमित समय मिला।

 

परमाणु ठिकानों पर फिर वार
सूत्रों के अनुसार, जून 2025 में हुए हमलों के बाद अब फिर से ईरान के प्रमुख परमाणु केंद्रों को निशाना बनाया गया है। जिनमें शामिल हैं:

  • Fordow Uranium Enrichment Plant (क़ोम के उत्तर में स्थित भूमिगत केंद्र)
  • Natanz Nuclear Facility
  • Isfahan Nuclear Technology Center
  • Fordow विशेष रूप से एक गहराई में बना भूमिगत यूरेनियम समृद्धिकरण केंद्र है।
  • इसे ईरान के परमाणु कार्यक्रम की रीढ़ माना जाता है। पहले भी इसे संयुक्त स्ट्राइक में निशाना बनाया गया था।

 

हमले का पैमाना पहले से बड़ा
अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि यह ऑपरेशन पिछले जून में ईरान की परमाणु सुविधाओं पर हुए हमलों से कहीं अधिक व्यापक है। सूत्रों के मुताबिक क्रूज़ मिसाइलें इराकी हवाई क्षेत्र के ऊपर से उड़ती देखी गईं। स्टील्थ बमवर्षक और लंबी दूरी की मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। प्रारंभिक हमलों में सैन्य कमांड और कंट्रोल ढांचे को भी लक्ष्य बनाया गया। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईरान के रक्षा मंत्री Amir Hatami शुरुआती एयरस्ट्राइक के संभावित लक्ष्यों में शामिल हो सकते हैं। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

 

ईरान की चेतावनी
ईरान पहले ही चेतावनी दे चुका था कि यदि उसके नाभिकीय या सैन्य ठिकानों पर हमला हुआ तो वह क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और इजरायल पर मिसाइल हमले करेगा। तेहरान ने यह भी कहा है कि नागरिकों के लिए तत्काल कोई प्रत्यक्ष खतरा नहीं है, लेकिन सैन्य गतिविधियों के कारण तनाव बना हुआ है। इस संयुक्त कार्रवाई ने ईरान-इजरायल टकराव को खुले संघर्ष में बदलने का खतरा बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान तत्काल जवाबी हमला करता है, तो यह संघर्ष पूरे मध्य पूर्व में फैल सकता है   जिसमें इराक, लेबनान, सीरिया और खाड़ी क्षेत्र भी शामिल हो सकते हैं।  


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Content Writer

Tanuja

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