ईरान सेना की टूटी कमरः अमेरिकी-इजराइली हमलों में सेना प्रमुख मौसवी की मौत, IRGC चीफ और वरिष्ठ सुरक्षा सलाहकार भी ढेर
punjabkesari.in Sunday, Mar 01, 2026 - 12:48 PM (IST)
International Desk: ईरान के सेना प्रमुख जनरल अब्दोलरहीम मौसवी और रक्षा मंत्री अज़ीज़ नसीरज़ादेह एक संयुक्त अमेरिकी-इजराइली हवाई हमले में मारे गए। हमले में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की भी मौत हुई। जवाब में ईरान ने इजराइल और खाड़ी देशों पर मिसाइलें दागीं, जिससे क्षेत्रीय युद्ध का खतरा बढ़ गया। ईरानी सरकारी टीवी के अनुसार, देश की रक्षा परिषद की एक अहम बैठक पर हुए हवाई हमले में सेना प्रमुख Abdolrahim Mousavi और रक्षा मंत्री Aziz Nasirzadeh की मौत हो गई। इस हमले में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्म्स (IRGC) के प्रमुख और वरिष्ठ सुरक्षा सलाहकार अली शमखानी भी मारे गए। ईरान ने इससे पहले शनिवार को पुष्टि की थी कि सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की तेहरान स्थित कार्यालय पर हुए संयुक्त अमेरिकी-इजराइली हमले में मौत हो गई।
🚨🇮🇷 Iranian state media confirmed that Chief of Staff of the Iranian Armed Forces, Abdolrahim Mousavi, has been killed.
— Mario Nawfal (@MarioNawfal) March 1, 2026
He assumed the position following the assassination of his predecessor, Mohammad Bagheri, during the June 2025 Israeli strikes on Iran.
Source: Clash Report https://t.co/WuSImRNnZJ pic.twitter.com/LKQk09eDXC
मौसवी ने जून 2025 में पद संभाला था, जब उनके पूर्ववर्ती Mohammad Bagheri इजराइली हमलों में मारे गए थे। लगातार दो शीर्ष सैन्य अधिकारियों की मौत ने ईरान की कमान संरचना को हिला दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे सैन्य रणनीति और आंतरिक स्थिरता पर गहरा असर पड़ेगा। खामेनेई और शीर्ष सैन्य नेतृत्व की मौत के बाद ईरान ने इजराइल और कुछ खाड़ी अरब देशों में लक्ष्यों पर मिसाइलें दागीं। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर कालीबाफ ने कहा:“आपने हमारी लाल रेखा पार की है, अब इसकी कीमत चुकानी होगी।”रिवोल्यूशनरी गार्ड ने “सबसे तीव्र सैन्य अभियान” शुरू करने की धमकी दी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने सोशल मीडिया पर जवाब देते हुए कहा: “अगर ईरान ने पहले से भी ज्यादा जोरदार हमला किया, तो हम ऐसी ताकत से वार करेंगे जो पहले कभी नहीं देखा गया।” उन्होंने यह भी कहा कि यह “ईरानी जनता के लिए अपना देश वापस लेने का अवसर” हो सकता है। 86 वर्षीय खामेनेई की मौत के बाद अब सवाल है कि ईरान का अगला सर्वोच्च नेता कौन होगा। ईरान के संविधान के अनुसार विशेषज्ञों की सभा नया सर्वोच्च नेता चुनेगी। तेहरान में समर्थकों ने शोक सभाएं आयोजित कीं और सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम पश्चिम एशिया को व्यापक युद्ध की ओर धकेल सकता है।
