Flight Booking Rules: हवाई यात्रियों को झटका, एयरलाइंस को राहत! 60% फ्री सीट वाले नियम पर सरकार ने लगाई रोक

punjabkesari.in Friday, Apr 03, 2026 - 08:35 AM (IST)

Flight Booking Rules : देश के करोड़ों हवाई यात्रियों के लिए एक मायूस करने वाली खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने अपने उस क्रांतिकारी फैसले को फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दिया है जिसमें एयरलाइंस को विमान की कम से कम 60% सीटें मुफ्त (बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के) रखने का आदेश दिया गया था। नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने इस नियम पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है जिससे इंडिगो और एयर इंडिया जैसी बड़ी कंपनियों ने राहत की सांस ली है।

क्या था 60% फ्री सीट का नियम?

मंत्रालय ने हाल ही में एक आदेश जारी किया था जिसके तहत एयरलाइंस को फ्लाइट की कुल सीटों में से 60% सीटें ऐसी रखनी थीं जिन्हें यात्री बिना किसी 'सीट सिलेक्शन फीस' के वेब चेक-इन के दौरान चुन सकें। इसका उद्देश्य हवाई सफर को सस्ता बनाना और यात्रियों पर लगने वाले अतिरिक्त चार्ज को कम करना था।

क्यों लगाई गई नियम पर रोक?

नियम लागू होते ही विमानन कंपनियों के बीच हड़कंप मच गया था। फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (FIA) जिसमें इंडिगो, एयर इंडिया, स्पाइसजेट और अकासा जैसी बड़ी एयरलाइंस शामिल हैं ने इस नियम का पुरजोर विरोध किया। एयरलाइंस का कहना है कि टिकट की कीमतें पहले से ही कम हैं और सीट सिलेक्शन फीस उनकी आय का एक बड़ा हिस्सा है। इस नियम से उन्हें भारी वित्तीय नुकसान होगा। कंपनियों के कड़े विरोध और तकनीकी दिक्कतों को देखते हुए मंत्रालय ने फिलहाल इस आदेश को स्थगित (Postpone) कर दिया है।

आम यात्री पर क्या होगा असर?

इस रोक का सीधा मतलब यह है कि अब यात्रियों को अपनी पसंद की सीट (जैसे विंडो सीट या एक्स्ट्रा लेगरूम सीट) चुनने के लिए पहले की तरह ही अतिरिक्त शुल्क चुकाना होगा। वेब चेक-इन के दौरान मिलने वाली मुफ्त सीटों की संख्या अब फिर से एयरलाइंस की अपनी पॉलिसी पर निर्भर करेगी।

अगला कदम क्या होगा?

नागरिक उड्डयन मंत्रालय अब एयरलाइंस और यात्री संगठनों के साथ मिलकर एक मध्यम मार्ग निकालने की कोशिश करेगा। जानकारों का मानना है कि यात्रियों के हितों की रक्षा के लिए सरकार भविष्य में कोई नया फॉर्मूला पेश कर सकती है लेकिन फिलहाल पुरानी व्यवस्था ही लागू रहेगी।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Rohini Oberoi

Related News