पथरी के ऑपरेशन के दौरान महिला की मौत...3 महीनों से थी परेशान, परिजनों ने डॉक्टरों पर लगाया लापरवाही और धमकाने का आरोप

punjabkesari.in Sunday, Jan 25, 2026 - 10:24 PM (IST)

नेशनल डेस्कः ग्रेटर नोएडा के दनकौर कोतवाली क्षेत्र में स्थित निम्स अस्पताल से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहां पथरी के इलाज के लिए भर्ती कराई गई 20 वर्षीय महिला की ऑपरेशन के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया और परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन व डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। इस मामले से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हो रहा है।

3 महीने से पथरी के दर्द से परेशान थी महिला

मृतक महिला के पति कृष्ण पाल ने बताया कि उनकी पत्नी ज्योति (उम्र 20 वर्ष) पिछले करीब तीन महीने से पथरी के दर्द से परेशान थी। इलाज के लिए वे दनकौर थाना क्षेत्र स्थित निम्स अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि ज्योति की पित्त की थैली (गॉल ब्लैडर) में पथरी है और इसका ऑपरेशन जरूरी है।

डॉक्टरों ने बताई थी दो चरणों वाली प्रक्रिया

परिजनों के मुताबिक, डॉक्टरों ने कहा था कि ऑपरेशन एक साथ नहीं किया जाएगा। पहले पित्त की थैली में वाल (स्टेंट) डाला जाएगा। करीब डेढ़ महीने बाद दूसरी सर्जरी कर पथरी को बाहर निकाला जाएगा। डॉक्टरों की बात मानते हुए पति ने ऑपरेशन के लिए सहमति दी।

दो घंटे बाद बताया गया हाल गंभीर

कृष्ण पाल ने बताया कि 24 जनवरी को उन्होंने अपनी पत्नी को अस्पताल में भर्ती कराया। ऑपरेशन करीब दो घंटे तक चला। जब पति ने ऑपरेशन के बाद पत्नी की स्थिति के बारे में पूछा, तो डॉक्टरों ने कहा कि हालत बहुत गंभीर है। डॉक्टरों ने तुरंत दिल्ली रेफर करने की बात कही, लेकिन जब पति ने जाकर देखा, तो ज्योति की मौत हो चुकी थी।

परिजनों का आरोप: लापरवाही से गई जान

मृतक महिला के पति और परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन से पहले महिला पूरी तरह ठीक थी, वह खुद चलकर अस्पताल आई थी। डॉक्टरों की लापरवाही और बड़ी चूक के कारण उसकी मौत हुई। परिजनों का यह भी कहना है कि जब उन्होंने अस्पताल में विरोध किया तो अस्पताल प्रबंधन ने धमकाया और जल्द से जल्द पैसे जमा करने को कहा। साथ ही शव को तुरंत ले जाने का दबाव बनाया गया।

डर के कारण बिना पोस्टमार्टम कराया अंतिम संस्कार

पति का कहना है कि वह बहुत डर गए थे। उनके साथ चार छोटे बच्चे थे। अस्पताल के दबाव और धमकी से घबराकर वह अपनी मृत पत्नी के शव को एंबुलेंस से घर ले आए। इसके बाद उन्होंने अंतिम संस्कार कर दिया।

पुलिस का बयान

इस पूरे मामले पर दनकौर कोतवाली प्रभारी मुनेंद्र सिंह ने बताया कि अभी तक पीड़ित परिवार की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी, परिजन शव को अपने साथ ले गए थे। अस्पताल की ओर से हंगामे की सूचना दी गई थी, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले सभी लोग जा चुके थे।

सवालों के घेरे में अस्पताल

यह मामला एक बार फिर निजी अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा, ऑपरेशन से पहले की तैयारी और आपात स्थिति में जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है।


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Content Writer

Pardeep

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