600 लोगों की मौत... हांगकांग आग हादसे ने याद दिलाई 1918 की दर्दनाक घटना, जानें कब-कब हुए बड़े हादसे
punjabkesari.in Friday, Nov 28, 2025 - 09:17 PM (IST)
नेशनल डेस्क: हांगकांग के ताई पो इलाके में स्थित वांग फुक कोर्ट आवासीय परिसर में लगी भयावह आग ने पूरे शहर को हिला दिया है। इस त्रासदी में अब तक 128 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 200 से अधिक लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव दल मलबे और जली हुई इमारतों में फंसे लोगों की तलाश में लगातार जुटे हुए हैं।
यह आग अचानक भड़की और देखते ही देखते परिसर की 2 मंजिला आठ इमारतों को अपनी चपेट में ले लिया। आग की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि कुछ सेकंडों में ही पूरी ब्लॉक धुएं और आग की लपटों में घिर गया। स्थानीय प्रशासन और दमकल विभाग के मुताबिक यह हादसा 1948 के बाद हांगकांग में लगा सबसे भीषण अग्निकांड है।
हांगकांग के इतिहास की दो सबसे खतरनाक आगें
इस दुर्घटना ने दशकों पुराने उन हादसों की याद ताजा कर दी है, जिन्होंने हांगकांग के इतिहास पर गहरी चोट छोड़ दी थी।
1. हैप्पी वैली रेसकोर्स आग- 27 फरवरी 1918 (600+ मौतें)
हांगकांग के इतिहास में दर्ज सबसे भयानक आग 27 फरवरी 1918 को हैप्पी वैली रेसकोर्स में लगी थी। रेसकोर्स में एक बड़े आयोजन के दौरान अचानक लगी आग ने आसपास की ग्रैंडस्टैंड (विशाल बैठने वाला ढांचा) को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ ही मिनटों में ग्रैंडस्टैंड गिर गई और 600 से अधिक लोगों की मौत हो गई। यह हादसा उस दौर की एशिया की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक माना जाता है।
2. विंग ऑन वेयरहाउस विस्फोट और आग- 22 सितंबर 1948 (176 मौतें)
इसके बाद दूसरा सबसे बड़ा अग्निकांड 22 सितंबर 1948 को हुआ, जब डेस वोइक्स रोड वेस्ट पर स्थित विंग ऑन के एक गोदाम में धमाका हुआ। धमाका इतना शक्तिशाली था कि देखते ही देखते आग पूरे परिसर में फैल गई। इस हादसे में 176 लोगों की मौत और 69 लोग घायल हुए। यह घटना कई वर्षों तक हांगकांग की सबसे बड़ी औद्योगिक आग के रूप में दर्ज रही।
ताई पो त्रासदी: तीनों में सबसे विनाशकारी?
आंकड़ों के मुताबिक, ताई पो के वांग फुक कोर्ट की आग 1918 और 1948 की घटनाओं के बाद तीसरी सबसे घातक आग बन चुकी है।
हालांकि, अभी भी अनेक लोग लापता हैं और मृतकों की संख्या में बढ़ोतरी की आशंका है। अगर यह आंकड़ा बढ़ता है, तो यह हादसा 1948 की त्रासदी को भी पीछे छोड़ सकता है।
स्थानीय प्रशासन ने क्या कहा?
हांगकांग अधिकारियों का कहना है कि- आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को निकलने का समय बहुत कम मिला। कई परिवार सो रहे थे और धुआं सीधे उनके फ्लैटों में पहुंच गया। इमारतें पुरानी थीं, जिनमें आधुनिक अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाएं सीमित थीं। दमकल विभाग ने इस आग को “अनियंत्रित और अत्यधिक तीव्र” बताया है।
