डीजीजीआई ने 2,350 करोड़ रुपये की इनपुट कर क्रेडिट धोखाधड़ी का भंडाफोड़ किया

2020-11-25T23:45:39.817

मुंबई, 25 नवंबर (भाषा) जीएसटी आसूचना महानिदेशालय (डीजीजीआई) ने धोखाधड़ी से इनपुट कर क्रेडिट (आईटीसी) लेने वालों के खिलाफ अपना अभियान जारी रखते हुए बुधवार को तीन और मामलों का भंडाफोड़ किया। इन मामलों में धोखाधड़ी वाली कुल राशि 2,350 करोड़ रुपये है।
एक अधिकारिक बयान के अनुसार इन मामलों में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पहले मामले में अरमान मेटल्स, पायनियर ट्रेडिंग कंपनी और मार्शल मल्टीवेंचर्स सहित विभिन्न कंपनियों में निदेशक या भागीदार सचिन भोरूका को गिरफ्तार किया गया है। भोरूका पर 485.64 करोड़ रुपये के जाली आईटीसी लेने और इस्तेमाल करने का आरोप है। इसके अलावा भोरूका ने 485.55 करोड़ रुपये के जाली आईटीसी आगे भी दिए। इस तरह भोरूका के मामले में शामिल राशि 971.19 करोड़ रुपये है।
समानान्तर जांच में ब्लू सी कमोडिटीज, जो अब कर्जन इन्फ्राप्रोजेक्ट्स के नाम से परिचालन करती है, के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता महेश किंगर को 580.23 करोड़ रुपये का जाली आईटीसी लेने और 579.76 करोड़ रुपये का आईटीसी आगे देने के मामले में गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में कुल राशि 1,159.99 करोड़ रुपये है।
बयान में कहा गया है कि एक अन्य मामले में उद्योग किरण के निदेशक दीपक कुमार प्रजापति को गिरफ्तार किया गया है। प्रजापति ने 22 कंपनियों का जाल बनाया। प्रजापति ने ऊंचा बैंक कर्ज हासिल करने के लिए अपने कारोबार को बढ़ा-चढ़ाकर दिया। साथ ही प्रजापति ने आईटीसी से संबंधित धोखाधड़ी भी की।


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PTI News Agency

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