मक्का डिफेंस डील के बाद सऊदी पर बड़ा हमलाः हूतियों ने अरामको फैसिलिटी पर दागे ड्रोन अटैक, जजान में आग भड़कने से हड़कंप(Video)
punjabkesari.in Sunday, Aug 09, 2026 - 04:06 PM (IST)
Riyadh: पश्चिम एशिया में तनाव के बीच सऊदी अरब की एक अहम अरामको फैसिलिटी पर ड्रोन हमले का दावा किया गया है। यमन के हूती विद्रोहियों ने रविवार को जजान स्थित सऊदी अरामको रिफाइनरी की एक फैसिलिटी को ड्रोन से निशाना बनाने की जिम्मेदारी ली। हूतियों ने इसे सऊदी की ओर से यमन के कुछ इलाकों में किए गए कथित ड्रोन घुसपैठ का जवाब बताया है। वहीं सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि जजान में अरामको की एक फैसिलिटी में आग लगी थी, जिसे दमकल टीमों ने बुझा दिया और घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
Yemen’s Houthis say they targeted the Aramco refinery in Jizan, Saudi Arabia, with a drone.
— Clash Report (@clashreport) August 9, 2026
They said the attack came in response to Saudi drone incursions into the airspace of the Saada and Hajjah governorates. pic.twitter.com/4HHiyh5NAV
हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने टेलीग्राम पर जारी बयान में दावा किया कि संगठन ने जजान में सऊदी अरामको की रिफाइनरी को ड्रोन से निशाना बनाया और हमला सटीक रहा। हूतियों के मुताबिक, यह हमला सऊदी के उन कथित ड्रोन अभियानों के जवाब में किया गया, जिनके जरिए यमन के सादा और हज्जा प्रांतों के हवाई क्षेत्र में ड्रोन भेजे गए थे। हालांकि, हूतियों के इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। हूती दावे से कुछ घंटे पहले सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय ने जजान में अरामको रिफाइनरी की एक फैसिलिटी में सुबह आग लगने की जानकारी दी थी। मंत्रालय के मुताबिक, सऊदी अरामको से जुड़ी औद्योगिक सुरक्षा और दमकल टीमों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पा लिया। घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
सऊदी अधिकारियों ने आग लगने की वजह के बारे में तत्काल विस्तृत जानकारी नहीं दी थी। इसके बाद हूतियों ने अरामको फैसिलिटी पर ड्रोन हमले का दावा किया।जजान सऊदी अरब के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में लाल सागर के किनारे यमन की सीमा के पास स्थित है। यहां सऊदी अरामको की बड़ी रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स मौजूद है। इस वजह से जजान सऊदी अरब के ऊर्जा ढांचे के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र है। यहां किसी भी तरह का हमला या आग लगने की घटना सुरक्षा के साथ-साथ ऊर्जा आपूर्ति को लेकर भी चिंता बढ़ा सकती है।
Yemen’s Houthis say they targeted the Aramco refinery in Jizan, Saudi Arabia, with a drone. pic.twitter.com/AbshkNKAz8
— Kayıtbay (@wanderlustt_3) August 9, 2026
हूतियों ने इससे पहले जुलाई के अंत में भी दावा किया था कि उन्होंने जजान और यानबू में अरामको से जुड़ी सुविधाओं पर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। ताजा घटना ऐसे समय सामने आई है जब लाल सागर और पश्चिम एशिया में हूतियों की गतिविधियों को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है। सऊदी अरब के ऊर्जा और परिवहन ढांचे की सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बढ़ रही हैं। जजान की घटना के साथ ही सऊदी अरब के जुबैल क्षेत्र में एक गैस फैसिलिटी पर कथित हमले की खबर भी सामने आई है। इजरायली मीडिया की रिपोर्टों में इस घटना के पीछे हूतियों का हाथ होने का दावा किया गया है। जुबैल सऊदी अरब के पूर्वी तट पर स्थित प्रमुख औद्योगिक शहर है। यहां पेट्रोकेमिकल, रिफाइनिंग और गैस से जुड़ा बड़ा औद्योगिक ढांचा मौजूद है। हालांकि, जुबैल की घटना को लेकर सामने आए दावों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
घटना की टाइमिंग भी बेहद महत्वपूर्ण
इस घटना की टाइमिंग भी बेहद महत्वपूर्ण है। कुछ ही दिन पहले सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये ने ‘मक्का संयुक्त रक्षा समझौते’ पर हस्ताक्षर किए हैं।इस समझौते के तहत तीनों देशों में से किसी एक पर सशस्त्र हमला होने पर उसे तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। समझौते का उद्देश्य सामूहिक प्रतिरोध क्षमता बढ़ाना और तीनों देशों के बीच रक्षा सहयोग मजबूत करना है।ऐसे में सऊदी की अहम ऊर्जा फैसिलिटी पर हूतियों के हमले का दावा क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर सकता है। हालांकि, यह हमला सीधे तौर पर नए रक्षा समझौते से जुड़ा है या नहीं, इसे लेकर अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
