ईरान ने तोड़ा अमेरिका का घमंड ! थका दिया 1 लाख टन का ''ब्रह्मास्त्र'', मिडिल ईस्ट से भागा दुनिया का सबसे बड़ा वॉरशिप
punjabkesari.in Tuesday, Mar 24, 2026 - 12:50 PM (IST)
International Desk: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच एक बड़ा और चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिका का सबसे ताकतवर और दुनिया का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर USS Gerald R. Ford (CVN-78) अब फ्रंटलाइन से पीछे हट गया है। जिस वॉरशिप को अमेरिका अपनी “समुद्री ताकत का ब्रह्मास्त्र” मानता था, वही अब मरम्मत और आराम के लिए ग्रीस के क्रीट स्थित बेस की ओर लौट गया है। इस कदम को कई विश्लेषक ईरान के बढ़ते दबाव और जंग के बदलते समीकरण से जोड़कर देख रहे हैं।
🚨‼️ BREAKING 💥
— Express News (@ExNewsHD) March 23, 2026
JUST IN: World’s largest Aircraft carrier, The USS Gerald Ford, is expected to be out of service for at least 14 months and up to 2 years.
Is it going for repair or retirement? pic.twitter.com/lfKo8QelOX
इस युद्धपोत का पीछे हटना सिर्फ एक सामान्य सैन्य मूव नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे अमेरिका की रणनीतिक थकान और दबाव का संकेत बताया जा रहा है। पिछले कई महीनों से यह जहाज लगातार मिडिल ईस्ट में सक्रिय था और हजारों ऑपरेशनों का हिस्सा रहा। सबसे बड़ा झटका तब लगा जब 12 मार्च को जहाज के अंदर आग लग गई। इस आग ने जहाज के कई हिस्सों को नुकसान पहुंचाया और क्रू के रहने की व्यवस्था को भी प्रभावित किया। करीब 30 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन इसके बाद जहाज को मरम्मत के लिए हटाना जरूरी हो गया।
इसके अलावा, यह वॉरशिप करीब 9-10 महीने से लगातार तैनात था, जबकि सामान्य तैनाती 6 महीने की होती है। लंबे समय तक समुद्र में रहने से क्रू की थकान और मनोबल पर असर पड़ा। तकनीकी समस्याओं जैसे टॉयलेट सिस्टम और अन्य सुविधाओं में खराबी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया। रणनीतिक नजरिए से देखें तो यह जहाज इजरायल के पास तैनात होकर एक मजबूत “सुरक्षा ढाल” की भूमिका निभा रहा था। इसके हटने से उस इलाके में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति पर असर पड़ सकता है। हालांकि, इसकी जगह USS George H.W. Bush (CVN-77) को तैयार रखा गया है ताकि ऑपरेशन जारी रह सके।
इस पूरे घटनाक्रम को ऐसे समय में देखा जा रहा है जब मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है। ईरान की लगातार आक्रामक रणनीति और क्षेत्रीय दबाव ने हालात को और जटिल बना दिया है। ऐसे में अमेरिका का सबसे बड़ा वॉरशिप पीछे हटना कई सवाल खड़े करता है क्या यह सिर्फ तकनीकी मजबूरी है या फिर बदलती रणनीति का संकेत?हालांकि, आधिकारिक तौर पर अमेरिका ने इसे मरम्मत और रोटेशन का हिस्सा बताया है, लेकिन जमीनी हकीकत यह दिखाती है कि जंग अब एक नए मोड़ पर पहुंच रही है।
