मिडिल ईस्ट जंग का 12वां दिन: ईरान की मुस्लिमों से अपील-"दुश्मन सैनिकों की जानकारी दो...सही जगह करेंगे हमला"
punjabkesari.in Wednesday, Mar 11, 2026 - 01:17 PM (IST)
International Desk: मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष अब और गंभीर होता जा रहा है। Iran, Israel और United States के बीच चल रहे युद्ध का बुधवार को 12वां दिन है। इस बीच ईरान ने मुस्लिम देशों और समुदायों से एक बड़ी अपील की है। ईरानी सेना के प्रवक्ता Abolfazl Shekarchi ने पड़ोसी देशों और दुनिया भर के मुस्लिमों से कहा है कि यदि उनके पास अमेरिकी या इजराइली सैनिकों के ठिकानों की जानकारी हो तो उसे ईरान के साथ साझा करें। ईरान का कहना है कि इससे सटीक स्थानों पर हमला किया जा सकेगा और आम नागरिकों को नुकसान से बचाया जा सकेगा। ईरान ने आरोप लगाया है कि अमेरिका और इजराइल युद्ध में महिलाओं, बच्चों और आम नागरिकों को निशाना बना रहे हैं।
ईरानी सेना के मुताबिक ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि वे सीधे ईरानी सेना का सामना करने में सक्षम नहीं हैं। रिपोर्टों के अनुसार इस संघर्ष का असर अमेरिकी सेना पर भी पड़ा है। बताया गया है कि अब तक करीब 140 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं, जबकि 7 सैनिकों की मौत की पुष्टि की गई है। ईरान का दावा है कि उसके देश में हुए हमलों में लगभग 8000 घरों को नुकसान पहुंचा है और 1300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच Saudi Arabia ने भी संभावित खतरे को देखते हुए अपने तेल निर्यात का रास्ता बदलना शुरू कर दिया है।
ईरान द्वारा Strait of Hormuz को बंद करने की आशंका के बीच सऊदी की सरकारी तेल कंपनी Saudi Aramco ने कुछ खरीदारों से कहा है कि वे तेल की खेप अब Yanbu Port से उठाएं, जो Red Sea के किनारे स्थित है।आम तौर पर सऊदी अरब अपना लगभग 90% तेल Ras Tanura Port से निर्यात करता है, जो होर्मुज मार्ग से जुड़ा है। जोखिम बढ़ने के कारण अब तेल को पूर्व-पश्चिम पाइपलाइन के जरिए यनबू तक भेजा जा रहा है। Egypt ने भी सहायता की पेशकश की है। उसने कहा है कि उसकी SUMED Pipeline के माध्यम से सऊदी तेल को भूमध्य सागर तक पहुंचाया जा सकता है।
