ट्रंप पर बहस बनी जानलेवा: पिता ने 23 साल की बेटी को मारी गोली, हुई मौत; जानें पूरा मामला
punjabkesari.in Wednesday, Feb 11, 2026 - 10:26 PM (IST)
इंटरनेशनल डेस्कः अमेरिका के टेक्सास में एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां एक पिता ने अपनी ही 23 साल की बेटी को गोली मारकर मार डाला। हत्या की वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर हुई तीखी बहस बताई जा रही है। मृतक युवती का नाम लूसी हैरिसन था और वह ब्रिटिश नागरिक थी। वह छुट्टियां मनाने अपने पिता के घर टेक्सास आई थी। यह घटना 10 जनवरी 2025 की है, जब लूसी अपने बॉयफ्रेंड सैम लिटलर के साथ ब्रिटेन से अमेरिका पहुंची थी।
पिता से मिलने आई थी लूसी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लूसी इंग्लैंड में रहती थी और अपने पिता क्रिस हैरिसन से मिलने टेक्सास आई थी। उसे अगले दिन यानी 11 जनवरी को वापस ब्रिटेन लौटना था। एयरपोर्ट जाने की तैयारी के दौरान घर में पिता-बेटी के बीच बहस शुरू हो गई।
बहस का केंद्र था — डोनाल्ड ट्रंप की नीतियां, उनके विवाद और खासकर अमेरिका में गन कल्चर (बंदूक संस्कृति)। लूसी अक्सर अपने पिता के घर में बंदूक रखने पर नाराज रहती थी और इसे खतरनाक मानती थी।
बॉयफ्रेंड का चौंकाने वाला बयान
लूसी के बॉयफ्रेंड सैम लिटलर ने बाद में अदालत में बताया कि बहस बहुत ज्यादा बढ़ गई थी। लूसी ने अपने पिता से ट्रंप पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों का जिक्र करते हुए पूछा: “अगर मेरे साथ ऐसा कुछ हो जाए, कोई मेरा यौन शोषण करे, तो आपको कैसा लगेगा?” क्रिस हैरिसन का जवाब बेहद हैरान करने वाला था। उन्होंने कहा कि इससे उन्हें ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि उनकी और दो बेटियां भी हैं। इसके कुछ ही देर बाद घर में गोली चलने की आवाज आई। गोली सीधे लूसी के सीने में लगी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस जांच और शक के घेरे में पिता
पुलिस ने शुरुआत में इस केस को मैनस्लॉटर (लापरवाही से हुई हत्या) के रूप में दर्ज किया। क्रिस हैरिसन ने दावा किया कि गोली गलती से चली थी, लेकिन जांच में कई सवाल उठे:
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क्या उन्होंने शराब पी रखी थी? (पहले उन्होंने इससे इनकार किया था)
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फिर ट्रिगर पर उनकी उंगली क्यों थी?
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क्या गोली सच में गलती से चली या बहस के दौरान जानबूझकर चलाई गई?
इन सवालों के कारण मामला और गंभीर हो गया।
लूसी की मां का बयान
लूसी की मां जेन कोट्स ने कहा: “लूसी बहुत संवेदनशील और समझदार लड़की थी। वह सामाजिक मुद्दों पर खुलकर बोलती थी और जिन बातों में विश्वास करती थी, उनके लिए लड़ती थी।” उन्होंने कहा कि लूसी बहस करना पसंद करती थी, लेकिन उसकी नीयत कभी गलत नहीं थी।
पिता को पछतावा, पर बेटी वापस नहीं आएगी
क्रिस हैरिसन ने कहा कि उन्हें अपने किए पर गहरा पछतावा है। उनका कहना है कि ऐसा कोई दिन नहीं जाता जब उन्हें अपनी बेटी को खोने का दर्द महसूस न हो। यह बोझ वह पूरी जिंदगी ढोएंगे।
इस घटना का बड़ा मतलब
यह घटना अमेरिका में बढ़ते गन कल्चर पर फिर से सवाल खड़े करती है। यहां अक्सर मामूली बहसें भी बंदूक की वजह से खूनी रूप ले लेती हैं। यह मामला बताता है कि घर में बंदूक रखना कितना खतरनाक हो सकता है, खासकर जब भावनाएं उग्र हों।
