ट्रंप ने नेतन्याहू को ईरान पर हमले से रोका, कहा-"खेल मत बिगाड़ो Bibi...हम शांति समझौते के बेहद करीब"
punjabkesari.in Monday, Jun 08, 2026 - 11:34 AM (IST)
International Desk: ईरान और इजराइल के बीच फिर बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) से ईरान पर जवाबी हमला न करने का आग्रह किया है। ट्रंप का कहना है कि ऐसी किसी भी सैन्य कार्रवाई से अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता खतरे में पड़ सकती है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान द्वारा इजराइल पर मिसाइलें दागे जाने के बाद ट्रंप ने नेतन्याहू से फोन पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने इजराइली नेतृत्व से संयम बरतने और कूटनीतिक प्रयासों को मौका देने की अपील की। ट्रंप ने Fox News को दिए इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता लगभग तय हो चुका है।
उन्होंने कहा, "हम समझौते के बेहद करीब हैं। मेरा मानना है कि सोमवार, मंगलवार या बुधवार तक समझौता हो सकता है।"ट्रंप ने ईरान को भी संदेश देते हुए कहा कि अब मिसाइलों का दौर खत्म होना चाहिए और दोनों पक्षों को बातचीत की मेज पर लौटना चाहिए। ईरानी हमलों का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा, "आपने अपनी मिसाइलें दाग दीं, बस बहुत हो गया। अब बातचीत की मेज पर वापस आइए और समझौता कीजिए।" उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान के हालिया मिसाइल हमलों में किसी को नुकसान नहीं पहुंचा और उम्मीद जताई कि इजराइल जवाबी कार्रवाई से बचेगा। ट्रंप ने कहा कि यदि नेतन्याहू ने पलटवार किया तो स्थिति फिर लंबे संघर्ष में बदल सकती है।
उनके अनुसार, "अगर बिबी (नेतन्याहू) ने जवाबी हमला किया तो हालात फिर वैसे ही हो जाएंगे जैसे दशकों से होते आए हैं।" ट्रंप का मानना है कि इस समय सैन्य कार्रवाई के बजाय कूटनीतिक समाधान की जरूरत है। Financial Times को दिए एक अन्य इंटरव्यू में ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका जो भी समझौता ईरान के साथ करेगा, उसे इजराइल को स्वीकार करना पड़ेगा। उन्होंने कहा,"नेतन्याहू के पास कोई विकल्प नहीं होगा।" इस बयान को अमेरिका द्वारा इजराइल पर बढ़ते कूटनीतिक दबाव के रूप में देखा जा रहा है।ट्रंप ने लेबनान की राजधानी बेरूत पर इजराइली हमलों की भी आलोचना की।
उन्होंने कहा कि वह इन हमलों से खुश नहीं हैं और यह कदम क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकता है। रिपोर्टों के अनुसार, एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि ट्रंप ने नेतन्याहू से फोन पर कहा कि कुछ समय के लिए सैन्य कार्रवाई रोक दें क्योंकि समझौता "लगभग तैयार" है। ट्रंप के बयानों से साफ संकेत मिलता है कि वाशिंगटन इस समय ईरान और इजराइल के बीच नई जंग नहीं चाहता। अमेरिका की प्राथमिकता ईरान के साथ चल रही वार्ताओं को सफल बनाना और तीन महीने से जारी संघर्ष को समाप्त करना है। हालांकि, ईरान और इजराइल के बीच लगातार बढ़ रही सैन्य गतिविधियां इस प्रयास को मुश्किल बना रही हैं।
