अरबों का 'गुपचुप' कारोबार! इस देश में धड़ल्ले से बिक रहे Condoms, जानें आखिर क्यों बढ़ इसकी बिक्री?

punjabkesari.in Friday, Feb 06, 2026 - 11:18 AM (IST)

Largest Condom Consumer in Asia : जब भी जनसंख्या नियंत्रण की बात होती है तो अक्सर हमारा ध्यान कड़े कानूनों या सरकारी नीतियों पर जाता है लेकिन इन सबके बीच एक छोटा सा प्रोडक्ट खामोशी से दुनिया की आबादी को संतुलित करने में सबसे बड़ी भूमिका निभा रहा है। हम बात कर रहे हैं कंडोम की। जिस प्रोडक्ट का नाम सुनते ही अक्सर लोग झिझक जाते हैं आज उसका बाजार एशिया में अरबों डॉलर तक पहुंच चुका है। आइए जानते हैं कि एशिया के किस देश में इसका सबसे बड़ा साम्राज्य खड़ा हो चुका है।

चीन: कंडोम की खपत में एशिया का सुपरपावर

विभिन्न अंतरराष्ट्रीय शोध और व्यापारिक रिपोर्टों के अनुसार एशिया में कंडोम की बिक्री के मामले में चीन निर्विवाद रूप से नंबर-1 पर है। चीन में हर साल लगभग 5.8 अरब (5.8 Billion) कंडोम यूनिट्स बेची जाती हैं। यह संख्या पूरे एशिया की कुल खपत का एक बड़ा हिस्सा है। इस सूची में भारत दूसरे स्थान पर है जबकि तुर्की तीसरे नंबर पर आता है। हालांकि चीन और भारत के बीच का अंतर अभी भी काफी ज्यादा है।

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अरबों डॉलर का कारोबार: 2030 तक होगा दोगुना

चीन का कंडोम बाजार सिर्फ जरूरत नहीं बल्कि निवेश का एक बड़ा केंद्र बन गया है:

  • मार्केट वैल्यू: साल 2023 में चीन का कंडोम बाजार करीब 3.69 बिलियन डॉलर (लगभग 30,000 करोड़ रुपये) का था।

  • भविष्य का अनुमान: विशेषज्ञों का मानना है कि 2030 तक यह बाजार बढ़कर 7.24 बिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा।

  • ग्रोथ रेट: यह सेक्टर हर साल 10% की रफ्तार (CAGR) से बढ़ रहा है जो किसी भी अन्य एफएमसीजी (FMCG) प्रोडक्ट के मुकाबले काफी बेहतर है।

आखिर क्यों बढ़ा इतना बड़ा बाजार?

चीन में कंडोम की इतनी ज्यादा बिक्री के पीछे तीन मुख्य कारण हैं:

  1. विशाल आबादी: चीन की 1.4 अरब की आबादी में से लगभग 60 करोड़ लोग यौन रूप से सक्रिय श्रेणी में आते हैं।

  2. सरकारी जागरूकता: चीन सरकार ने यौन स्वास्थ्य (Sexual Health) और बीमारियों (STDs) से बचाव के लिए इसे एक अनिवार्य स्वास्थ्य उत्पाद के रूप में प्रचारित किया है।

  3. झिझक का अंत: बेहतर यौन शिक्षा और आधुनिक जीवनशैली के कारण अब वहां कंडोम खरीदने को लेकर सामाजिक शर्मिंदगी कम हो गई है।

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ब्रांड्स और क्वालिटी का बोलबाला

चीन के बाजार में 85% से ज्यादा हिस्सा लेटेक्स कंडोम का है। वहां की जनता ओकामोटो (Okamoto), सागामी और इलासुन जैसे ब्रांड्स पर भरोसा करती है। दिलचस्प बात यह है कि चीन अपनी खपत पूरी करने के लिए थाईलैंड, जापान और मलेशिया जैसे देशों से भारी मात्रा में कंडोम आयात (Import) भी करता है।

भारत के लिए क्या है सबक?

भारत एशिया का दूसरा सबसे बड़ा बाजार तो है लेकिन यहां आज भी ग्रामीण इलाकों में इसे खरीदने को लेकर भारी सामाजिक झिझक देखी जाती है। हालांकि सरकारी योजनाओं और सुरक्षित संबंधों के प्रचार की वजह से भारत का बाजार भी अब तेजी से रफ्तार पकड़ रहा है।


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Content Editor

Rohini Oberoi

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