दुनिया के 10 सबसे बड़े रक्षा बजट वाले देशों में अमेरिका टॉप पर, जानें किस नंबर पर है भारत और इस बार कितना बढ़ाएगा खर्च ?

punjabkesari.in Thursday, Jan 29, 2026 - 08:18 PM (IST)

International Desk (तनुजा तनु): दुनिया में बढ़ती भूराजनीतिक तनावों और सुरक्षा चुनौतियों के बीच कई देशों ने अपने रक्षा बजट (Defence Budget) को रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ाया है। 2025 के आंकड़ों के अनुसार वैश्विक स्तर पर रक्षा व्यय में भारी वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे देशों की सैन्य तैयारियों और तकनीकी आधुनिकीकरण की दिशा स्पष्ट होती है। 2025 के आंकड़ों के अनुसार दुनिया के शीर्ष 10 सबसे बड़े रक्षा बजट वाले देशों की सूची में अमेरिका टॉप पर है।  2024 में दुनिया भर में सैन्य खर्च लगभग $2,718 बिलियन (लगभग 2.7 ट्रिलियन डॉलर) तक पहुंच गया था, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 9.4 % की वृद्धि है । इस खर्च का बड़ा हिस्सा यूरोप तथा मध्य पूर्व में सुरक्षा चिंताओं और वैश्विक तनावों से प्रेरित रहा।

 

2025 में शीर्ष 10 देश रक्षा बजट (USD में)
निम्न तालिका में 2025 के अनुसार दुनिया के शीर्ष 10 सबसे बड़े रक्षाखर्च वाले देशों और उनके वार्षिक बजट की तुलना दी गई है:

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 संयुक्त राज्य अमेरिका

  • दुनिया का सबसे बड़ा रक्षा बजट  (लगभग $895 बिलियन) रखने  वाला देश है ।
  • इसका एक बड़ा हिस्सा नवीनतम मिसाइल, नौसेना बल और एयरोस्पेस तकनीक पर खर्च होता है।
  • अमेरिका का बजट अकेले वैश्विक रक्षा खर्च का एक बड़ा हिस्सा है।
     

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 चीन

  • चीन दूसरे स्थान पर है और उसने लगभग $266.85 बिलियन का रक्षा बजट रखा है।
  • उसका लक्ष्य आधुनिक हथियार और समुद्री तथा वायु शक्ति को मजबूत करना है।
  • चीन ने अपने बजट का बड़ा हिस्सा आधुनिक हथियार, जहाज और उन्नत वायु वायु प्रणालियों पर लगाया है।

 
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 रूस

  • रूस का बजट लगभग $126 बिलियन है। 
  • रूस ने आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद अपने रक्षा बजट को ऊंचे स्तर पर बनाए रखा है।
  • यह वर्तमान सुरक्षा चुनौतियों के बावजूद अपनी सैन्य क्षमताओं को बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।
  • विशेष रूप से यूरोपीय क्षेत्र में प्रभाव बनाए रखने के लिए रक्षा बजट उच्च रखा गया है।

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 भारत

  • भारत चौथे स्थान पर है, जिसका 2025 में  रक्षा बजट लगभग $75 बिलियन है।
  • यह बजट सैनिकों, मिसाइल प्रणालियों, वायु तथा समुद्री बलों के आधुनिकीकरण के लिए इस्तेमाल होता है।
  • भारत की रक्षा व्यय में पिछले वर्षों में स्थिर वृद्धि देखी गई है। 
  • 2026 के बजट में इसे और बढ़ाने की उम्मीद जताई जा रही है, खासकर तकनीक विकास और रक्षा निर्यात पर केंद्रित खर्च के लिए।

 
अन्य प्रमुख देशों

  • सऊदी अरब, यूके, जापान, ऑस्ट्रेलिया और फ्रांस जैसे देश भी बड़े रक्षा बजट रखते हैं।
  • यूक्रेन विशेष रूप से अपनी सुरक्षा चुनौतियों के कारण टॉप 10 में शामिल है।

 

यह खर्च GDP का कितना हिस्सा ?
2024 में वैश्विक रक्षा खर्च रिकॉर्ड $2.7 ट्रिलियन तक पहुंच गया, जो पिछले वर्षों की तुलना में सबसे बड़ा एकल वर्ष वृद्धि है। वैश्विक सुरक्षा स्थिति और बड़े संघर्ष जैसे रूस-यूक्रेन तथा मध्य पूर्व में तनाव   रक्षाखर्च बढ़ाने के पीछे मुख्य कारण हैं। कई देशों में रक्षा बजट उनकी GDP का 2% से अधिक हिस्सा है, जैसे अमेरिका लगभग 3.4% का रक्षा बजट रखता है।कुछ देशों की तुलना में यह प्रतिशत और भी अधिक है (जैसे रूस, सऊदी अरब)।

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क्यों महत्वपूर्ण है यह डेटा?
ये रक्षा बजट देशों की सैन्य ताकत, तकनीकी आधुनिकीकरण, और भू-राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को प्रतिबिंबित करते हैं। उच्च बजट वाले देश न केवल अपनी सीमाओं की रक्षा करते हैं बल्कि वैश्विक प्रभाव के लिए भी तैयार रहते हैं। 
 

भारत का पिछला रक्षा बजट (FY 2025-26)
भारत ने वित्त वर्ष 2025-26 में रक्षा बजट ₹6.81 लाख करोड़ तय किया था, जो पिछले साल से लगभग 9.5% अधिक था। यह बजट आधुनिक हथियारों, रक्षा उत्पादन और वेतन तथा पेंशन खर्च के लिए इस्तेमाल हुआ था।  यह कुल केंद्रीय बजट का करीब 13.45 % हिस्सा था।   इसमें से लगभग ₹1.8 लाख करोड़ पूंजीगत व्यय (नए हथियार, सिस्टम, आधुनिकीकरण) के लिए रखा गया था।

 

भारत इस बार डिफेंस कैपेक्स में कितनी करेगा बढ़ोतरी?
मार्केट और बजट विश्लेषकों के अनुसार, डिफेंस कैपेक्स (Capex) यानी पूंजीगत खर्च में लगभग 15% तक की वृद्धि देखने को मिल सकती है, खासकर हथियार खरीद और तकनीक में निवेश के लिए।विश्लेषकों और बजट विशेषज्ञों के आधार पर 2026-27 के लिए कई प्रमुख अनुमान सामने आए हैं। Motilal Oswal के अनुमान के मुताबिक, रक्षा खर्च में लगभग 15 % की वृद्धि हो सकती है विशेषकर पूंजीगत व्यय पर। कुछ Axis Direct / Kotak विश्लेषण बताते हैं कि रक्षा बजट   लगभग 20 % तक भी बढ़ सकता है, खासकर तकनीक, UAV/ड्रोन और R&D में। रक्षा विभाग के शीर्ष अधिकारी का कहना है कि पूंजीगत व्यय को हर साल  20% तक बढ़ाने की योजना है और अगले कुछ सालों में लक्ष्य है कि रक्षा पूंजीगत खर्च GDP का 2.5 % तक पहुंच जाए।

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1 फरवरी को होगा वास्तविक बढ़ोतरी का ऐलान
यह वृद्धि पिछले कई वर्षों की सामान्य 10% बढ़ोतरी से काफी ज़्यादा है और नए हथियार सिस्टम तथा तकनीकी आधुनिकीकरण पर जोर देने का संकेत देती है।कुल रक्षा बजट में सरकार आमतौर पर पिछले साल से 10-20% तक बढ़ोतरी कर सकती है। अगर 20% तक वृद्धि होती है, तो 2026-27 में डिफेंस बजट लगभग ₹8.2-8.3 लाख करोड़ तक पहुँच सकता है (आम अनुमान) जो पिछले साल के मुकाबले काफी बड़ा उछाल है और भारत की सुरक्षा आवश्यकताओं और आत्मनिर्भरता रणनीति को भी समर्थन देगा। वास्तविक आंकड़ा वित्त मंत्री द्वारा 1 फरवरी 2026 के बजट भाषण में घोषित होगा।

 

 भारत क्यों बढ़ रहा रक्षा बजट?
 पूंजीगत व्यय (Capex) बढ़ाकर आधुनिक हथियार, विमान, नौसेना जहाज़ एवं रक्षा टेक्नोलॉजी में तेजी लाना।
 आत्मनिर्भर भारत (Atmanirbhar Bharat) के तहत घरेलू रक्षा उत्पादन व R&D में निवेश को प्रोत्साहन।
  क्षेत्रीय तनाव (चीन, पाकिस्तान, अंडमान-दक्षिण चीन सागर आदि) के बीच सुरक्षा तैयारियों को मजबूत करना।
 Operation Sindoor और अन्य अभियानों के मद्देनज़र सेनाओं के आधुनिकीकरण की आवश्यकताएं।

 

विशेषज्ञों के सुझाव
FICCI जैसे उद्योग निकाय की राय है कि पूंजीगत व्यय का हिस्सा बजट में 26 % से बढ़ाकर 30 % किया जाना चाहिए, ताकि हरियास्त्र, एयर डिफेंस और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध जैसे आधुनिक उपकरणों के लिए और धन उपलब्ध हो सके।  R&D खर्च को भी बढ़ाना आवश्यक बताया गया है ताकि स्वदेशी तकनीक विकसित की जा सके और रक्षा-निर्माण क्षेत्र को ग्लोबल प्रतियोगिता में रखा जा सके।


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Content Writer

Tanuja

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