इस देश में सरकार से पूछकर पैदा होते थे बच्चे, नियम तोड़ने पर मिलती थी सख्त सजा, जानें क्यों?

punjabkesari.in Saturday, Jan 24, 2026 - 11:25 AM (IST)

One Child Policy: क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि माता-पिता बनने के लिए भी आपको अपनी सरकार से लिखित इजाजत लेनी पड़े? दुनिया के एक बड़े देश में यह कोई कहानी नहीं बल्कि दशकों तक कड़वी हकीकत थी। हम बात कर रहे हैं चीन (China) की जहां एक समय बच्चे के जन्म पर सरकार का पूर्ण नियंत्रण था। आइए जानते हैं चीन की उस 'वन चाइल्ड पॉलिसी' की पूरी कहानी जिसने लाखों परिवारों की किस्मत बदल दी।

क्यों लागू हुआ था यह सख्त कानून?

साल 1979 में चीन की सरकार ने महसूस किया कि उनकी जनसंख्या इतनी तेजी से बढ़ रही है कि भविष्य में भोजन, घर और नौकरियों की भारी कमी हो जाएगी। संसाधनों पर बढ़ते बोझ को कम करने के लिए तत्कालीन नेता डेंग जियाओपिंग ने एक बच्चा नीति (One Child Policy) लागू की। सरकार का मानना था कि विकास के लिए आबादी को रोकना अनिवार्य है।

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बिना इजाजत बच्चा पैदा करने पर क्या था अंजाम?

इस कानून को लागू करने के लिए चीन ने बेहद कड़े और कई बार क्रूर रास्ते अपनाए। जोड़ों को गर्भधारण करने से पहले स्थानीय परिवार नियोजन विभाग से अनुमति लेनी पड़ती थी। अधिकारी महिलाओं के स्वास्थ्य और गर्भनिरोधकों के इस्तेमाल पर नजर रखते थे ताकि नियम न टूटे। नियम तोड़ने वालों पर उनकी सालाना आय का 10 गुना तक जुर्माना लगाया जाता था। कई लोगों को अपनी संपत्ति तक बेचनी पड़ी। सरकारी कर्मचारियों को दूसरा बच्चा होने पर तुरंत बर्खास्त कर दिया जाता था।

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बिना पहचान वाले बच्चों का दर्द

इस नीति का सबसे बुरा असर उन बच्चों पर पड़ा जो नियमों के बाहर पैदा हुए। चूंकि वे अवैध माने जाते थे इसलिए उनका हुकौ (घरेलू पंजीकरण) नहीं हो पाता था। इसके बिना वे कभी स्कूल नहीं जा सकते थे। उन्हें सरकारी अस्पतालों में इलाज नहीं मिलता था। बड़े होने पर वे न तो कानूनी रूप से शादी कर सकते थे और न ही नौकरी।

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अब बच्चे पैदा करने के लिए मिल रहे हैं पैसे

समय का चक्र ऐसा घूमा कि आज चीन अपनी घटती आबादी और बुजुर्गों की बढ़ती संख्या से परेशान है। अब वहां की सरकार लोगों से ज्यादा बच्चे पैदा करने की मिन्नतें कर रही है। 2016 में दो बच्चे और 2021 में तीन बच्चों की अनुमति दी गई। अब चीन में बच्चों के जन्म पर नकद आर्थिक मदद (सालाना लगभग 3600 युआन) दी जा रही है। युवाओं की कमी के कारण चीन ने अपनी रिटायरमेंट की उम्र भी बढ़ा दी है ताकि फैक्ट्रियों और दफ्तरों में काम करने वालों की कमी न हो।


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Content Editor

Rohini Oberoi

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