ईरानी सुरक्षा प्रमुख ने खोया आपाः बोले-देश सीधे युद्ध की कगार पर..नरमी की गुंजाइश नहीं, इज़राइल पर फोड़ा ठीकरा
punjabkesari.in Saturday, Jan 10, 2026 - 02:33 PM (IST)
International Desk: ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच सत्ता का लहजा और अधिक आक्रामक हो गया है। ईरानी सुरक्षा प्रमुख और पूर्व संसद अध्यक्ष अली लारीजानी ने साफ शब्दों में कहा है कि ईरान इस समय किसी शांति या युद्धविराम में नहीं, बल्कि सीधे युद्ध की स्थिति में है। लारीजानी ने कहा, “यह कोई सामान्य विरोध नहीं है। हम युद्ध के बीच में हैं और इसमें किसी तरह की नरमी की गुंजाइश नहीं है।”
🇮🇷 IRANIAN SECURITY CHIEF LOSES IT: “WE ARE IN THE MIDDLE OF A WAR”
— Mario Nawfal (@MarioNawfal) January 10, 2026
Ali Larijani just declared there’s no peace and no ceasefire - only war.
He called protesters a “quasi-terrorist” urban force and pointed the finger at Israel for fueling the uprising.
Tehran isn’t calming… pic.twitter.com/nYY3bWmpcA
उन्होंने सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों को “अर्ध-आतंकी शहरी ताकत” (quasi-terrorist urban force) बताते हुए आरोप लगाया कि यह आंदोलन स्वतःस्फूर्त नहीं, बल्कि बाहरी ताकतों द्वारा प्रायोजित है। लारीजानी ने सीधे तौर पर इज़राइल पर उकसावे और विद्रोह को हवा देने का आरोप लगाया। ईरानी नेतृत्व का यह बयान ऐसे समय आया है, जब देश में आर्थिक संकट, महंगाई, बेरोज़गारी और सामाजिक प्रतिबंधों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज़ होते जा रहे हैं। सरकार पहले ही इन आंदोलनों को “विदेशी साज़िश” करार देती रही है, लेकिन अब पहली बार इसे खुले तौर पर युद्ध जैसा खतरा बताया गया है।
लारीजानी के बयान से साफ संकेत मिलते हैं कि तेहरान हालात को शांत करने के बजाय टकराव के लिए तैयार हो रहा है। सुरक्षा एजेंसियों को और सख्त कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं, जिससे आने वाले दिनों में दमन और तेज़ होने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि सत्ता द्वारा “युद्ध” शब्द का इस्तेमाल यह दिखाता है कि ईरानी नेतृत्व अब विरोध को राजनीतिक असहमति नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सीधा खतरा मान रहा है। इससे देश के अंदर हालात और विस्फोटक हो सकते हैं।
