ईरान प्रोटेस्ट में पहली फांसी! खामेनेई के खिलाफ आवाज उठाने वाले इस शख्स को दी जाएगी सजा-ए-मौत
punjabkesari.in Tuesday, Jan 13, 2026 - 07:03 AM (IST)
इंटरनेशनल डेस्कः ईरान इस समय गंभीर संकट से गुजर रहा है। देशभर में सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। इसी बीच एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। ईरानी अधिकारियों ने इन प्रदर्शनों से जुड़े पहले फांसी के मामले की तैयारी कर ली है। 26 साल के युवक इरफान सोलतानी को फांसी की सजा सुनाई गई है।
कौन है इरफान सोलतानी?
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नाम: इरफान सोलतानी
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उम्र: 26 साल
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निवासी: फरदिस, कराज उपनगर (तेहरान के पास)
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गिरफ्तारी: 8 जनवरी 2026
इरफान को खामेनेई विरोधी प्रदर्शनों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। मानवाधिकार संगठन हेंगाव (Hengaw) और कई मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें बुधवार को फांसी दी जा सकती है।
मौजूदा आंदोलन में पहली फांसी
ईरान पहले भी सरकार विरोधी आंदोलनों को दबाने के लिए मौत की सजा देता रहा है, लेकिन पहले ज़्यादातर लोगों को गोली मारकर मारा जाता था। यह मामला पहली बार है जब मौजूदा आंदोलनों में किसी को फांसी दी जाएगी। इजरायल और अमेरिका स्थित मीडिया प्लेटफॉर्म JFeed के मुताबिक, यह फांसी और सख्त कार्रवाई की शुरुआत हो सकती है ताकि लोगों में डर फैलाया जाए और आंदोलन दबाया जाए।
डर के जरिए भीड़ को काबू में रखने की कोशिश
लेबनानी-ऑस्ट्रेलियाई उद्यमी मारियो नौफल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर कहा: “यह फांसी कई में से पहली हो सकती है। ईरानी अधिकारी लोगों को डराकर प्रदर्शन रोकना चाहते हैं।” उन्होंने यह भी दावा किया कि खामेनेई विरोधी प्रदर्शनों में अब तक करीब 2000 लोग मारे जा चुके हैं।
इरफान को कानूनी अधिकार भी नहीं मिले
रिपोर्टों के मुताबिक इरफान को वकील से मिलने, खुद का बचाव करने और कोर्ट में अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया गया। उनके परिवार को भी गिरफ्तारी किसने की, क्या आरोप हैं, किस कोर्ट में मामला है, जैसी अहम जानकारी नहीं दी गई।
11 जनवरी को परिवार को मिली मौत की खबर
हेंगाव के अनुसार 11 जनवरी को परिवार को बताया गया कि इरफान को फांसी की सजा सुनाई गई है। इसके बाद परिवार को उनसे सिर्फ 10 मिनट मिलने की अनुमति दी गई। परिवार के करीबी सूत्रों के मुताबिक “अधिकारियों ने कहा कि यह फैसला अंतिम है और तय तारीख पर फांसी दी जाएगी।”
बहन की कोशिशें भी नाकाम
इरफान की बहन एक लाइसेंस प्राप्त वकील हैं। उन्होंने केस को कानूनी तरीके से चुनौती देने की कोशिश की, लेकिन उन्हें केस फाइल देखने नहीं दी गई। न ही उन्हें इरफान का प्रतिनिधित्व करने और न ही सजा को चुनौती देने की अनुमति दी गई।
