जकार्ता में भीषण आग ने मचाई तबाही; बाजार में 300 से ज्यादा इमारतें राख, बेघर हो गए सैंकड़ों परिवार
punjabkesari.in Tuesday, Jun 02, 2026 - 03:40 PM (IST)
International Desk: इंडोनेशिया की राजधानी एवं सबसे बड़े नगर जकार्ता (Jakarta) के मध्य क्षेत्र केमायोरन स्थित जिउंग मार्केट में सोमवार रात लगी भीषण आग ने सैकड़ों परिवारों की जिंदगी को प्रभावित कर दिया। आग इतनी भयावह थी कि इसे पूरी तरह बुझाने में दमकल विभाग को सात घंटे से अधिक का समय लगा। उप-गवर्नर Rano Karno के अनुसार, प्रारंभिक आकलन में करीब 304 इमारतें आग की चपेट में आईं। इस हादसे से 354 परिवारों के कुल 679 लोग प्रभावित हुए हैं। प्रभावित लोगों में 326 पुरुष और 353 महिलाएं शामिल हैं। इसके अलावा 35 बुजुर्ग, 90 छोटे बच्चे, 53 प्राथमिक स्कूल के छात्र, 6 जूनियर हाई स्कूल के छात्र और 22 व्यावसायिक स्कूल के छात्र भी प्रभावित हुए हैं। कई गर्भवती महिलाएं भी इस आपदा से प्रभावित हुई हैं।
This is not looking good. A major fire is currently burning in the area around Jiung Market in Kemayoran, Central Jakarta.
— Weather Monitor (@WeatherMonitors) June 1, 2026
Dozens of fire engines and around 100 firefighters are being deployed as crews battle the fast-moving blaze. https://t.co/AC446IQEqZ pic.twitter.com/v5KCxtQyQ3
आग पर काबू पाने के लिए 35 दमकल गाड़ियां और 175 अग्निशमन कर्मियों को मौके पर भेजा गया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि पूरा इलाका धुएं से भर गया और कई इमारतें देखते ही देखते राख में बदल गईं। 60 वर्षीय स्थानीय फेरीवाले हापिल ने बताया कि जब आग लगी तब वह काम में व्यस्त थे। उन्होंने कहा, "मेरे बेटे ने बताया कि किराए के एक घर में आग लग गई है। मुझे कुछ भी बचाने का मौका नहीं मिला। मैं अभी भी वही कपड़े पहने हुए हूं जो कल रात पहने थे।" हापिल पिछले 30 वर्षों से उसी इलाके में रह रहे थे और काम कर रहे थे।
40 वर्षीय निवासी इस्ती ने बताया कि उन्हें आग लगने के कारण का पता नहीं चला, लेकिन जब पूरे इलाके में घना धुआं फैलने लगा तो उन्हें स्थिति की गंभीरता का एहसास हुआ। स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को सार्वजनिक आवासीय अपार्टमेंट में स्थानांतरित करने की पेशकश की, लेकिन अधिकांश निवासियों ने इसे अस्वीकार कर दिया। उनका कहना है कि वे वर्षों से इसी समुदाय में रह रहे थे और अपनी बस्ती छोड़ना नहीं चाहते। उप-गवर्नर रानो कार्नो ने बताया कि जकार्ता में होने वाली लगभग 95 प्रतिशत आग की घटनाओं के पीछे बिजली के शॉर्ट सर्किट को जिम्मेदार माना जाता है। हालांकि इस आग के वास्तविक कारण की जांच अभी जारी है।
