"The Roar of the Harrier": एक साथ तीन मोर्चों पर डटा इजरायल ! ईरान में सैंकड़ों ठिकाने किए तबाह, लेबनान-सीरिया बॉर्डर पर...(Video)
punjabkesari.in Saturday, Feb 28, 2026 - 05:31 PM (IST)
International Desk: इजरायल ने “ऑपरेशन द रोर ऑफ द हैरियर” नाम से जारी अभियान का फुटेज जारी किया, जिसमें पश्चिमी ईरान में सैंकड़ों ठिकानों पर हमले का दावा किया गया। आधिकारिक ब्रीफिंग के अनुसार, इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है। इसी के साथ इजरायल ने अपने उत्तरी मोर्चे पर Lebanon और Syria से लगी सीमाओं पर सैन्य तैनाती बढ़ा दी है। विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम Hezbollah की संभावित कार्रवाई को ध्यान में रखकर उठाया गया है।
🚨🇮🇱🇮🇷 Israel released footage from Operation "The Roar of the Harrier" which struck hundreds of targets in western Iran.
— Mario Nawfal (@MarioNawfal) February 28, 2026
Source: Yediot News https://t.co/ZBOgU6Ug3n pic.twitter.com/4sMbCMV82U
इजरायल के सामने तीन मोर्चों की चुनौती
- सीधे Iran के साथ टकराव,
- लेबनान से हिज़्बुल्लाह की फायरिंग,
- और सीरिया को संभावित लॉजिस्टिक कॉरिडोर के रूप में इस्तेमाल किया जाना।
- सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, सीमा पर अतिरिक्त बलों की तैनाती “घबराहट” नहीं बल्कि पूर्व-योजना का संकेत है।
ईरान की प्रतिक्रिया
ईरान के विदेश मंत्री ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत “आत्मरक्षा के अधिकार” का हवाला दिया है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अक्सर दोनों पक्ष अपनी सैन्य कार्रवाई को आत्मरक्षा बताते रहे हैं। जमीनी स्तर पर हमलों और जवाबी हमलों की रिपोर्टें जारी हैं।
🚨🇮🇷🇺🇸 Iran's Foreign Minister invoked the right to self-defense.
— Mario Nawfal (@MarioNawfal) February 28, 2026
Every country that's ever started a war has called it self-defense. The strikes are ongoing.
The next statement won't be from the Foreign Minister. https://t.co/wCXtkQypif pic.twitter.com/Kkfjd7uxcV
खाड़ी देशों में हाई-अलर्ट
Kuwait ने आपातकालीन योजनाएं सक्रिय कर दी हैं। खाड़ी क्षेत्र के कई देशों ने सुरक्षा प्रोटोकॉल कड़े किए हैं। पिछले दशकों में कई खाड़ी देशों ने अमेरिका और ईरान के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश की थी, लेकिन मौजूदा हालात में वह विकल्प सीमित होता दिख रहा है। मध्य पूर्व अब एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहां छोटी चूक भी बड़े क्षेत्रीय संघर्ष में बदल सकती है। आने वाले बयान और जमीनी घटनाक्रम स्थिति की दिशा तय करेंगे।
