होर्मुज़ में बढ़ा टकरावः अमेरिका ने 31 टैंकर लौटाए, ईरान ने भी फायरिंग कर जब्त किए 2 जहाज
punjabkesari.in Thursday, Apr 23, 2026 - 01:03 PM (IST)
International Desk: पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध जैसे हालात के बीच समुद्र अब नया रणक्षेत्र बन गया है। होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में बढ़ती यह टक्कर अब सिर्फ नाकेबंदी नहीं, बल्कि खुली ताकत की लड़ाई का संकेत दे रही है। अमेरिका ने ईरान को घेरने के लिए 31 तेल टैंकरों को बीच रास्ते से लौटने पर मजबूर कर दिया, लेकिन इसके तुरंत बाद ईरान ने जहाजों पर फायरिंग कर दो को कब्जे में ले लिया। अमेरिका की सेना ने पुष्टि की है कि ईरान के खिलाफ चल रही समुद्री नाकेबंदी के दौरान 31 जहाजों को रास्ते से वापस लौटने या अपने बंदरगाहों की ओर जाने के लिए मजबूर किया गया।
JUST IN: 🇺🇸 US military says it ordered 31 ships to turn around or return to port as part of its blockade against Iran.
— Rizvana Raza 🇮🇷 (@Rizvana_Raza) April 23, 2026
Asia observers#IranWar #Irán pic.twitter.com/sBqKv24Jwu
इन जहाजों में ज्यादातर तेल टैंकर थे। US Central Command (CENTCOM) के अनुसार, अधिकतर जहाजों ने बिना विरोध अमेरिकी आदेश मान लिए। यह नाकेबंदी Iran पर दबाव बनाने की बड़ी रणनीति का हिस्सा है। उधर, ईरान की ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने गोलीबारी के बाद दो कमर्शियल जहाजों को जब्त कर लिया। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कथित तौर पर गोलीबारी की और पनामा का झंडा लगे जहाज़ MSC Francesca और लाइबेरिया का झंडा लगे जहाज़ Epaminondas को जब्त कर लिया; दोनों जहाज़ों को ईरानी जलक्षेत्र की ओर ले जाया गया है। इससे साफ है कि ईरान भी जवाबी कार्रवाई कर रहा है और टकराव बढ़ता जा रहा है।
Iran Escalation in Strait of Hormuz: IRGC Seizes Two Commercial Ships After Gunfire
— Washington Eye (@washington_EY) April 22, 2026
Tensions surge in the Strait of Hormuz as Iran’s Revolutionary Guard reportedly opened fire and seized the Panama-flagged MSC Francesca and Liberia-flagged Epaminondas, taking both vessels… pic.twitter.com/aYa286eU43
अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम और सैन्य गतिविधियों को लेकर बातचीत करे और उसकी शर्तें माने। इसी कारण 13 अप्रैल से यह समुद्री कार्रवाई शुरू की गई और बाद में इसे और सख्त कर दिया गया। इस ऑपरेशन के लिए अमेरिका ने भारी सैन्य ताकत तैनात की है। रिपोर्ट के अनुसार, इसमें 10,000 से ज्यादा सैनिक, 17 युद्धपोत और 100 से अधिक विमान शामिल हैं। यह दिखाता है कि अमेरिका इस नाकेबंदी को बहुत गंभीरता से लागू कर रहा है और क्षेत्र में अपनी पकड़ बनाए रखना चाहता है। लेकिन इस कार्रवाई के बाद हालात तेजी से बिगड़ गए हैं। Strait of Hormuz में ईरान ने तीन व्यापारिक जहाजों पर फायरिंग की और उनमें से दो को कब्जे में ले लिया।
स्थिति इसलिए भी खतरनाक है क्योंकि होर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है। यहां से बड़ी मात्रा में वैश्विक तेल सप्लाई गुजरती है। अगर यहां तनाव बढ़ता है, तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और तेल की कीमतों पर पड़ सकता है। इस बीच Donald Trump ने 3 से 5 दिनों के लिए युद्धविराम (ceasefire) बढ़ाने का फैसला लिया है, ताकि बातचीत के लिए समय मिल सके। लेकिन विरोधाभास यह है कि एक तरफ सीजफायर बढ़ाया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ नाकेबंदी और सैन्य दबाव जारी है।कुल मिलाकर, स्थिति बेहद जटिल और तनावपूर्ण बनी हुई है। एक तरफ अमेरिका अपनी ताकत दिखाकर ईरान को झुकाना चाहता है, वहीं दूसरी तरफ ईरान भी जवाब दे रहा है। अगर जल्द समाधान नहीं निकला, तो यह टकराव बड़े क्षेत्रीय या वैश्विक संकट में बदल सकता है।
