एक और युद्धविराम खटाई मेंः लेबनान में स्ट्राइक बाद हिज़्बुल्ला का बड़ा ऐलान, इजरायल संग सीधी बातचीत से इंकार
punjabkesari.in Monday, Apr 27, 2026 - 05:10 PM (IST)
International Desk: मध्य पूर्व में तनाव कम होने के बजाय, एक बार फिर बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। हिज़्बुल्लाह के उप-प्रमुख नईम कासिम ने यह साफ कर दिया है कि उनका संगठन इज़रायल के साथ किसी भी तरह की सीधी बातचीत के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि "सीधी बातचीत का तो सवाल ही नहीं उठता" और हिज़्बुल्लाह अपने हथियार नहीं डालेगा। कासिम ने यह भी कहा कि उनका संगठन इजरायली "आक्रामकता" का मुकाबला करने के लिए पूरी तरह तैयार है और जरूरत पड़ने पर जवाबी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा। लेबनानी सरकार की आलोचना करते हुए उन्होंने टिप्पणी की कि उसने कुछ फ़ैसले जल्दबाज़ी में लिए हैं और उसे सीधी बातचीत के बजाय अप्रत्यक्ष बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए था।
दूसरी ओर, इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने दक्षिणी लेबनान में कई सैन्य अभियान चलाने का दावा किया है। इजरायली सेना के अनुसार, उनके सैनिकों ने तीन ऐसे लोगों को निशाना बनाया जिनसे उन्हें "तत्काल खतरा" था, और उन्हें एक हवाई हमले में मार गिराया गया। IDF ने आगे बताया कि उसने हिज़्बुल्लाह के कई ठिकानों पर हमले किए, जिनमें बिंत जबील सेक्टर में संगठन का मुख्यालय भी शामिल है। इन हमलों के बाद वहां दूसरे धमाके भी हुए, जो इस बात का संकेत हैं कि उन जगहों पर हथियारों के जखीरे मौजूद थे।
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी हिज़्बुल्लाह पर संघर्ष-विराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि हिज़्बुल्लाह की गतिविधियों से संघर्ष-विराम कमजोर पड़ रहा है और इजरायल अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाना जारी रखेगा। यह ध्यान देने योग्य है कि डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में इजरायल और लेबनान के बीच संघर्ष-विराम को तीन हफ़्ते के लिए बढ़ाने की घोषणा की थी। इसके बावजूद, जमीनी स्तर पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। कुल मिलाकर, जहाँ एक ओर हिज़्बुल्लाह बातचीत करने से इनकार कर रहा है, वहीं दूसरी ओर इजरायल सैन्य कार्रवाई जारी रखे हुए है। इन परिस्थितियों में, यह साफ है कि संघर्ष-विराम के बावजूद इस क्षेत्र में स्थायी शांति अभी भी एक दूर की संभावना बनी हुई है।
