जंग के बीच ईरान को ईरान को बड़ी कामयाबी, मिला 7.5 ट्रिलियन क्यूबिक फीट से ज्यादा गैस का भंडार
punjabkesari.in Monday, Aug 24, 2026 - 06:08 AM (IST)
तेहरान: मध्य पूर्व में जारी तनाव और कड़े आर्थिक प्रतिबंधों के बीच ईरान से एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। ईरान के तेल मंत्री मोहसेन पाकनेजाद ने देश में हाइड्रोकार्बन और प्राकृतिक गैस के एक विशाल नए भंडार की खोज की आधिकारिक घोषणा की है। इस खोज को देश के ऊर्जा भविष्य के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक संपत्ति माना जा रहा है।
दक्षिणी फार्स प्रांत में मिला गैस का महा-खजाना
तेल मंत्री पाकनेजाद के अनुसार, यह विशाल गैस भंडार देश के दक्षिणी फार्स प्रांत में खोजा गया है। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, इस भंडार में 7.5 ट्रिलियन क्यूबिक फीट से अधिक प्राकृतिक गैस मौजूद है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस भंडार में से लगभग 5.7 ट्रिलियन क्यूबिक फीट गैस को निकाला जा सकता है, जो ईरान के ऊर्जा भविष्य को एक बहुत ही मजबूत आधार प्रदान करेगी।
प्रतिबंधों को ठेंगा: अमेरिकी नाकेबंदी की आशंका खारिज
ईरान ने यह घोषणा ऐसे नाजुक समय में की है जब वह बड़े पैमाने पर कड़े आर्थिक प्रतिबंधों का सामना कर रहा है। इन प्रतिबंधों ने मुख्य रूप से ईरान की अर्थव्यवस्था के सबसे अहम क्षेत्रों, खासकर तेल उद्योग और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक उसकी पहुंच को प्रभावित किया है। लेकिन इस नई खोज ने ईरान के हौसलों को नए पंख दे दिए हैं। अमेरिकी प्रतिबंधों और नाकेबंदी के असर से जुड़े एक सवाल के जवाब में तेल मंत्री पाकनेजाद ने अमेरिका की गैर-कानूनी नाकेबंदी की आशंकाओं को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा, "मेरे पास हाइड्रोकार्बन के नए भंडार मिलने के बारे में एक अच्छी खबर है" और सही समय पर इस खोज से संबंधित और भी विवरण साझा किए जाएंगे।
सहयोगियों की कड़ी मेहनत लाई रंग
यह घोषणा 'गवर्नमेंट वीक' के एक विशेष समारोह के दौरान की गई, जहां तेल मंत्री ने इस्लामिक क्रांति के दिवंगत नेता अयातुल्ला इमाम खुमैनी के आदर्शों के प्रति अपनी निष्ठा दोहराई। इस दौरान उन्होंने अपनी टीम की पीठ थपथपाते हुए कहा कि ईश्वर की कृपा और सहयोगियों की लगातार कोशिशों और कड़ी मेहनत के कारण ही हाइड्रोकार्बन का यह विशाल खजाना देश के हाथ लगा है।
कठिन परिस्थितियों में भी आत्मनिर्भरता की राह
तमाम वैश्विक आर्थिक दबावों और नाकेबंदी के बावजूद ईरान ने घुटने नहीं टेके हैं। वह लगातार अपने घरेलू ऊर्जा संसाधनों को विकसित करने और उत्पादन क्षमता के साथ-साथ निर्यात की क्षमता को भी मजबूत करने की कोशिशों में जुटा हुआ है। यह नई खोज साबित करती है कि ईरान प्रतिबंधों के साए में भी ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
